मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

02 अक्टूबर 2010

हिमाचलःसरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे डॉक्टर

प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डाक्टरों ने प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है। हमीरपुर में हिमाचल मेडिकल आफिसर एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इसका खाका तैयार किया गया। संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. जीवानंद चौहान ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि डॉक्टरों की लंबित मांगों को लेकर संगठन स्वास्थ्य सचिव से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तथा मुख्यमंत्री तक अपनी बात रख चुका है मगर कोई हल नहीं निकला। प्रदेश में डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए चलाई गई रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) पॉलिसी डाक्टरों के पद व गरिमा के साथ मजाक है जिसे सहन नहीं किया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर प्रदेश सरकार को एक माह का नोटिस दिया जाएगा। यदि इस दौरान मांगें पूरी न की गई तो डॉक्टर हड़ताल पर जाएंगे। पहले एक सप्ताह तक काले बिल्ले, अगले सप्ताह प्रतिदिन दो घंटे की पैन डाउन हड़ताल, फिर एक दिन की मास कैजुअल लीव तथा उसके बाद अनिश्चितकाल हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरकेएस पॉलिसी की सारी प्रक्रिया प्रदेश की नौकरशाही द्वारा डॉक्टरों की गारिमा को कम करने का षडयंत्र है जो सहन नहीं होगा। मुख्यमंत्री कई बैठकों में इस भर्ती नीति को बदलने के लिए स्वास्थ्य सचिव को कह चुके हैं मगर कोई असर होता नहीं दिखता है। आरकेएस के तहत जहां वेतनों में भारी विसंगति है, वहीं क्लास वन का दर्जा घटाकर एक दिहाड़ीदार के मुकाबले कर दिया गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया में पुरानी पद्धति जिसमें एडहाक तथा नियमित नियुक्ति थी, को बहाल किया जाए। इसके अतिरिक्त कैडर का पुनर्निर्धारण हो और विशेषज्ञों को विशेषज्ञ भत्ता दिया जाए, जो पुराने डॉक्टरों को नहीं मिलता है जबकि नए डॉक्टरों को 15 से 20 हजार रुपये तक का लाभ होता है। उन्होंने अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों के लिए सुरक्षा नियमों को शीघ्र बनाने की मांग की है। 2001 के बाद से विभाग में वरिष्ठता सूची तक नहीं बनाई गई है। उन्होंने उच्च न्यायलय से भी इस संबंध में फरियाद की है कि उन्हें न्याय दिलवाने में अहम भूमिका अदा करें(दैनिक जागरण,हमीरपुर,2.10.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।