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02 अक्टूबर 2010

मेरठःबी.एड. दाखिला न पाने वाले छात्र अदालत जाएंगे

बीएड काउंसिलिंग में अनियमितता के कारण प्रवेश से वंचित छात्रों ने शुक्रवार को मेरठ कालेज, एनएएस और काउंसिलिंग केंद्र पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि लखनऊ विश्वविद्यालय की गलती छात्र क्यों भुगतें? छात्र फीस रसीद लेने गए थे, मगर काउंटर पर फीस रसीद देने को कोई नहीं था। छात्रों ने कहा कि हमने कालेज फीस जमा करा दी है। प्रवेश रद्द होने पर छात्रों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है।

लखनऊ विश्वविद्यालय ने बीएड काउंसिलिंग की कालेज फीस जमा नहीं कराने वाले छात्रों का एलाटमेंट रद्द कर दिया है। इससे मेरठ कालेज, एनएएस सहित विभिन्न एडेड कालेजों के करीब ५० छात्र प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र प्रथम चरण के पहले दिन यानी तीन अगस्त की काउंसिलिंग के हैं। इन छात्रों का कहना है सर्वर ठप होने के कारण फीस रसीद नहीं दी गई थी। वहां काउंटर पर कोई क्लर्क नहीं बैठा था। बाद में समय खत्म होने पर रसीद नहीं दी गई, जबकि छात्रों ने फीस जमा करा दी है। एलाटमेंट लेटर पर भी यह लिखा हुआ है।

फीस रसीद नहीं लेने पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने वेबसाइट पर इनकी सीट रिक्त कर दी। इसके विरोध में मेरठ कालेज, एनएएस, जेवी कालेज बड़ौत, माछरा, डीएवी मुजफ्फरनगर के ४७ से ज्यादा छात्रों ने काउंसिलिंग सेंटर सर छोटू राम इंजीनियरिंग कालेज पर प्रदर्शन किया। कोआर्डिनेटर प्रोफेसर आईआरएस सिंधु ने इन्हें लखनऊ विवि जाने की सलाह दी। छात्रों ने प्रवेश निरस्त करने के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है(अमर उजाला,मेरठ,2.10.2010)।

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