पारिवारिक हालात या किसी अन्य कारण से स्कूल से दूर रहने वाले बच्चों को जोड़ने में उत्तरप्रदेश का शिक्षा विभाग फेल हो गया है। तमाम कोशिशों के बाद भी मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। सर्व शिक्षा अभियान की तरफ से स्कूल न जाने वाले बच्चों की पड़ताल में सामने आया कि इलाहाबाद ऐसा जिला हैं जहां सबसे अधिक अनपढ़ बच्चे हैं। पिछले दिनों सर्व शिक्षा अभियान के अपर राज्य परिजयोजना निदेशक अशोक गांगुली ने रिपोर्ट जारी की तो जिला स्तरीय अधिकारियों को शर्मसार होना पड़ा। शासन के निर्देश पर अधिकारी मलिन बस्तियों और मोहल्लों में ऐसे बच्चों की तलाश कर रहे हैं जो किसी कारण स्कूल नहीं जा पाते। उन्हें विशेष स्कूल में पंजीकृत कराने का अभियान भी शुरू हो गया है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत पिछले दिनों प्रदेश के सभी जिलों में सर्वे कराया गया था कि छह से १४ वर्ष की आयु वाले कितने बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। रिपोर्ट आने के बाद सर्व शिक्षा अभियान के अपर राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को केंद्रों की स्थापना कराकर विशेष प्रशिक्षण के तहत शिक्षित किया जाए।
रिपोर्ट से जिले के अधिकारी परेशान हैं क्योंकि इसके मुताबिक सबसे ज्यादा आउट ऑफ स्कूल बच्चे इलाहाबाद के हिस्से में हैं। कुल ९४३३ ऐसे बच्चे हैं जो प्राथमिक शिक्षा से भी महरूम हैं। इलाहाबाद जिले की यह संख्या अन्य जिलों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। इलाहाबाद के बाद दूसरे नंबर पर हरदोई और तीसरे नंबर पर सोनभद्र जिला हैं, जहां स्कूल न जाने वाले बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है। वहां क्रमशः ८११८ एवं ५९३० बच्चे ऑउट ऑफ स्कूल की श्रेणी में शामिल किए गए हैं(अमर उजाला,इलाहाबाद,2.10.2010)।
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