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23 नवंबर 2010

राजस्थानःसहकारिता विभाग में 33 साल बाद शुरु भर्ती प्रक्रिया फिर अटकी

सहकारिता विभाग में 33 साल बाद शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया ग्राम सेवा सहकारी समितियों की ओर से एक साल से प्रस्ताव नहीं भेजे जाने के कारण अटक गई है। यह प्रक्रिया समितियों में व्यवस्थापकों के पद भरने के लिए शुकू की गई थी।

राज्य सरकार ने इस भर्ती का जिम्मा गत वर्ष राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबंध संस्थान (राइसेम) को दिया और राइसेम को तीन माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी थी। राइसेम ने केन्द्रीय जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से समितियों से भर्ती के लिए प्रस्ताव और रिक्त पदों की सूचना उपलब्ध मांगी थी। लेकिन अभी तक समितियों ने प्रस्ताव बनाकर नहीं भेजे। उधर व्यवस्थापकों के पद खाली होने से किसानों के साथ आम लोगों को भी समितियों में अपना कार्य करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

33 साल लम्बा इंतजार
सहकारिता विभाग में व्यवस्थापकोंऔर सहायक व्यवस्थापकों के 2200 पदों पर भर्ती होनी है। दरअसल, ग्राम सेवा समितियों में वर्ष 1977 के बाद से भर्ती नहीं हुई। इसके बाद कई व्यवस्थापक सेवानिवृत्त हो गए और पद खाली होते चले गए।

जोधपुर संभाग में 350 पद रिक्त
संभाग में करीब 950 ग्राम सेवा सहकारी समितियां हैं और इनमें से लम्बे समय से 350 से अघिक पद रिक्त पड़े हैं। सूत्रों ने बताया कि भर्ती प्रस्ताव भेजने में देरी का मुख्य कारण है कि समितियों के कर्ताधर्ता राइसेम के माध्यम से भर्ती से खुश नहीं है, क्योंकि इसमें उनकी एक नहीं चलेगी(राजस्थान पत्रिका,जोधपुर,23.11.2010)।

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