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03 नवंबर 2010

स्नातकोत्तर इंदिरा गांधी छात्रवृत्तिःअकेली बिटिया की पढ़ाई नहीं रहेगी बोझ

आवेदन की अं. ति. 23 नवम्बर, 2010
भारत के विभिन्न राज्यों में जहां आज भी लड़कियों को अभिशाप मान कर पैदा होने से पहले ही मार दिया जाता है, वहां सरकार लगातार इसी प्रयास में जुटी नजर आती है कि कैसे भी इन मासूमों को बचाया जाए और जीने का हक दिलाया जाए। सरकार की इन्हीं कोशिशों में मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ऐसे अभिभावकों को प्रोत्साहन प्रदान कर करता है, जिनकी एकमात्र कन्या संतान हो। मंत्रालय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सहयोग से इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति उपलब्ध कराता है, जो गैर व्यावसायिक स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने के लिए प्रदान की जाती है।
शैक्षणिक योग्यता
शैक्षणिक योग्यता के तहत इस स्कॉलरशिप को पाने के लिए आवेदक छात्र का देश के किसी भी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय व स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उपलब्ध गैर व्यावसायिक स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्य़क्रम में प्रथम वर्ष में दाखिला प्राप्त होना चाहिए। पाठ्य़क्रम पूर्णकालिक होना चाहिए। दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के तहत पढ़ाई कर रही छात्राओं को यह स्कॉलरशिप नहीं मिलती।
स्कॉलरशिप की अवधि व संख्या
यह आर्थिक सहायता छात्राओं को पूरे दो साल के डिग्री पाठ्य़क्रम के लिए प्रदान की जाती है। दो साल में स्कॉलरशिप की राशि 20 माह के लिए प्रदान की जाती है और इनकी संख्या 1200 निर्धारित है।
मिलने वाली आर्थिक सहायता
इस स्कॉलरशिप के माध्यम से छात्राओं को 2 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। दो साल में 20 माह के लिए मिलने वाली इस स्कॉलरशिप के तहत छात्राओं को चालीस हजार रुपये सरकार की ओर से प्रदान किए जाते हैं।
विशेष बात
इस स्कॉलरशिप को पाने वाली छात्राओं को खास व्यवस्था के तहत अन्य किसी भी स्कॉलरशिप का लाभ पाने से नहीं रोका जाता यानी यदि छात्र को अन्य किसी भी माध्यम से आर्थिक सहायता के तौर पर कोई स्कॉलरशिप मिलेगी तो वह उसे भी प्राप्त कर सकती है। इसी तरह यदि छात्र स्कॉलरशिप पाने के बाद बीच में ही पढ़ाई छोड़ने लगती है तो उसे इसके लिए प्रार्थना पत्र के माध्यम से यूजीसी से अनुमति लेनी होगी। बिना यूजीसी की अनुमति के पढ़ाई छोड़ने पर छात्र को मिली रकम लौटानी होगी और यदि छात्र इसमें असफल रहेगी तो जिम्मेदारी संस्थान की होगी। आवेदन के समय छात्र को एकल संतान होने का औपचारिक शपथ-पत्र देना होगा।
अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें
अवर सचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, बहादुरशाह जफर मार्ग, नई दिल्ली-110002
वेबसाइटwww.ugc.ac.in
(पायल रावत,हिंदुस्तान,दिल्ली,2.11.2010)                                                           

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