एमसीडी ने केंद्र सरकार के शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और नई व्यवस्थाओं के लिए एक योजना तैयार की है। मंजूरी के लिए इसे दिल्ली सरकार के पास भेजा गया है। योजना को अगले शिक्षा स्तर से शुरू होने की संभावना है। योजना में प्राथमिक विद्यालयों को माध्यमिक विद्यालयों में विस्तार, विकलांग और मंदबुद्धि बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था, द्वितीय पाली की व्यवस्था को समाप्त कर सभी विद्यालयों को सहशिक्षा में परिवर्तित करने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाने का प्रावधान है।
एमसीडी की शिक्षा समिति के अध्यक्ष महेंद्र नागपाल ने बताया कि योजना के तहत 40 अतिरिक्त स्कूल भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों में पेयजल, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, बेहतर फर्नीचर आदि की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। नई शिक्षा व्यवस्था को लागू करने के लिए 1600 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। दिल्ली सरकार से इस योजना को मंजूरी मिलने व फंड की व्यवस्था करने के उपरांत नई व्यवस्था लागू होगी।
नई व्यवस्था के अंतर्गत विद्यालयों में पांचवीं की बजाय आठवीं कक्षा तक बढ़ाने की योजना है। दूसरी ओर स्कूलों में द्वितीय पाली को समाप्त कर दिया जाएगा। सभी स्कूल सहशिक्षा के आधार पर चलाए जाएंगे। न्यायालय के आदेशानुसार विकलांग व मानसिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जाएगी। विद्यालयों में शिक्षकों की भी उपस्थिति के लिए बायोमैट्रिक प्रणाली लगायी जाएगी। इसके अतिरिक्त स्कूलों में बच्चों का साल-दर-साल पढ़ाई में विकास होने के हिसाब से कैरियर रिकॉर्ड बनाया जाएगा(अमर उजाला,दिल्ली,10.11.2010)।
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