मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

03 नवंबर 2010

एफएमएस, दिल्ली:आपके बजट में एमबीए की पढ़ाई

मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के इच्छुकों में एफएमएस का नाम नया नहीं है। कई अच्छे मैनेजर और प्रशासक देने का श्रेय इस संस्थान को जाता है। एफएमएस के दूसरे सत्र की छात्र निर्मिति बताती हैं कि संस्थान में प्रवेश पाने के लिए ग्रुप डिस्कशन सत्र में वे अर्थशास्त्र और बिजनेस स्टडीज जैसे विषयों की खूब तैयारी करके आयी थीं, पर उस समय हैरान हो गईं, जब इंटरव्यू में प्यार और जंग में सब जायज है और भारत में कैपिटल अकाउंट कंवर्टिबिलिटी जैसे विषयों पर बोलने के लिए कहा गया।
इस तरह विविधतापूर्ण विषयों का चुनाव यह बताता है कि संस्थान का फोकस मात्र अच्छे मैनेजरों का निर्माण करना नहीं है, यह संस्थान पूर्ण व्यक्तित्व विकास पर जोर देता है।
रचनात्मक प्रशिक्षण के तरीके और समय, स्थितियों व भावी चुनौतियों के मद्देनजर अपने पाठ्य़क्रम में निरंतर बदलाव करना एफएमएस की दो ऐसी खासियत हैं, जिसने पिछले 5 दशकों से इस संस्थान को देश में पसंद किए जाने वाले मैनेजमेंट संस्थानों की सूची में काफी ऊपर ला दिया है। वर्ष 1954 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के तहत दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक भाग के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी, जिसने आगे चल कर एक अलग प्रतिष्ठित संस्थान का रूप ले लिया। एफएमएस के प्रमुख और डीन के. ममकोट्टम के अनुसार डीयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ जुड़ा होना इसे अन्य संस्थानों से अलग कर देता है।
प्रथम वर्ष के छात्र सत्यजीत के अनुसार, इस संस्थान में जुड़ने के बाद आप यूनिवर्सिटी की सभी लाइब्रेरी में जा सकते हैं, कैंपस के अंदर होने वाली सभी सांस्कृतिक गतिविधियों से भी जुड़ सकते हैं। भारत में 50 टॉप बी-स्कूलों की फीस से तुलना की जाए तो एफएमएस की एक वर्ष के लिए 10450 रुपये फीस सबसे कम होगी। प्रथम वर्ष की छात्र अनिशा चौधरी कहती हैं, यहां की उचित फीस वाकई यहां पढ़ने वालों के लिए खुशी की बात है, जिसके कारण छात्र बैंकों से लोन लेने और बाद में उसे भुगतान करने की मशक्कत से बच जाते हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि संस्थान की लोकप्रियता का यह भी एक बड़ा कारण है। पिछले वर्ष इस संस्थान में 166 सीटों के लिए 60 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे।
एफएमएस के छात्र जिम्मेदार नागरिक भी हैं, जो जरूरतमंदों तक पहुंच बनाने के लिए भी प्रयासरत रहते हैं। एफएमएस के द्वितीय वर्ष के छात्र शंकर राव के अनुसार, हर वर्ष यहां अनोखे कार्यक्रम साइलेंट ऑक्शन का आयोजन होता है, जहां छात्र धर्मार्थ कार्यो के लिए अपनी स्किल्स का ऑक्शन करते हैं। इस वर्ष छात्रों ने लगभग 1.10 लाख रुपये एकत्र किए। संस्थान के पूर्व छात्र व वर्तमान में यूएस-आधारित डिस्कवर फाइनेंशियल के निदेशक शैलेश सूद के अनुसार एफएमएस में मेरा अनुभव एंटरप्रिन्योरशिप, लीडरशिप और कुछ नया क्रिएट करने की भावना से जुड़ा रहा है।
फैक्ट फाइल
मुख्य कोर्स- एमबीए, पूर्णकालिक
कोर्स फीस- प्रति वर्ष 10,450 रुपये
वर्तमान बैच आकार- 166
छात्र-छात्र अनुपात-114 पुरुष, 52 महिलाएं
फैकल्टी-छात्र अनुपात- 1:5.5
प्लेसमेंट सत्र- 2009 में 5 दिन और 2008 में 15 दिन
ऑफर की संख्या: 103 छात्रों के लिए 128 ऑफर (औसतन प्रत्येक छात्र 1.24 नौकरी)
अधिकतम घरेलू वेतन (वर्ष 2010)- 28.66 लाख प्रति वर्ष
अधिकतम अंतर्राष्ट्रीय वेतन (वर्ष 2010): 1 लाख डॉलर
औसत वेतन (2010)- 14 लाख वार्षिक
प्रसिद्ध पूर्व छात्र: बूज एंड कंपनी के सीईओ शुमीत बैनर्जी, टीवी-18 इंडियन मीडिया के एमडी राघव बहल, यूएसबी इंडिया के एमडी अजय महाजन, हैवलेट पैकर्ड (इंडिया) के एमडी नीलम धवन 
मुख्य नियोक्ता: पीएंडजी, सिटीबैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, एचयूएल, हैविट एसोसिएट्स, टीएएस, असेंच्योर बिजनेस कंसल्टिंग, नोमूरा।
(हिंदुस्तान,दिल्ली,2.11.2010)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।