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03 नवंबर 2010

महाराजा अग्रसेन कॉलेज:वेतन कटौती पर शिक्षकों का हंगामा

महाराजा अग्रसेन कॉलेज के शिक्षकों की वेतन कटौती को लेकर चल रहा विवाद आज थाने पहुंच गया। शिक्षकों ने एक बार फिर प्राचार्य से वेतन की मांग की जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई। मामला इस कदर गरमाया कि प्राचार्य व शिक्षकों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। शिक्षकों को रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन ने पुलिस का सहारा लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने शिक्षकों पर लाठियां चलाईं और उन्हें जबरन थाने ले गए। मामला तूल पकड़ता देख छात्र शिक्षकों के पक्ष में आ गए और उन्होंने थाने के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। करीब चार घंटे बाद प्राचार्य व शिक्षक, दोनों पक्षों का मत सुना गया और शिक्षकों को घर भेज गया। इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से थाने में लिखित शिकायत दी गई है।
गौरतलब है कि डीयू में सेमेस्टर सिस्टम लागू होने को लेकर डूटा के आह्वान पर पिछले दिनों महाराजा अग्रसेन कॉलेज के शिक्षक भी हड़ताल पर रहे थे। डीयू के आदेश के अनुसार जो शिक्षक हड़ताल पर थे उनका वेतन काटने की बात कही गई थी। इसी बात को लेकर महाराजा अग्रसेन कॉलेज में प्राचार्य व शिक्षकों के बीच तनातनी चल रही थी। बुधवार को मामला अचानक गरमा गया। कॉलेज खत्म होने के बाद दोपहर एक बजे कॉलेज स्टाफ टीचर एसोसिएशन के सदस्य प्राचार्य सुनील सौधी से वेतन नहीं मिलने की शिकायत करने पहुंचे। बताया जा रहा है कि वेतन की बात सुनते ही प्राचार्य का गुस्सा चढ़ गया और उन्होंने शिक्षकों को सबक सिखाने की बात कही। इस बात पर दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शिक्षकों को काबू करने के लिए लाठियां भी चलाई और करीब तीस शिक्षकों को थाने ले गए।
घटना में एक शिक्षक को मामूली चोट लगी है। शिक्षकों का कहना है कि प्राचार्य के लापरवाह रवैये के चलते शिक्षक कई दिनों से बैंक व प्राचार्य कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन उनके वेतन संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गई। इस मामले में प्राचार्य सुनील सौंधी का कहना है कि शिक्षकों का व्यवहार अशोभनीय है। सारी व्यवस्था डीयू प्रशासन के निर्देशों के तहत ही चल रही है। बहरहाल डूटा इस मामले में हस्तक्षेप की तैयारी कर रहा है। दोनों पक्षों ने शिकायत थाने में दे दी है(दैनिक जागरण संवाददाता,दिल्ली,3.11.2010)।

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