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11 नवंबर 2010

सेना भर्ती में मानसिक मजबूती भी देखी जाएगी

बिग्रेडियर जेएस सोइन ने कहा कि सेना में भर्ती के तरीके में शीघ्र ही बदलाव आने वाला है। नए भर्ती नियमों के अनुसार उम्मीदवार को सेना में भर्ती होने के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा से पूर्व कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करना होगा। ब्रिगेडियर सोइन बुधवार को हरियाणा के रेवाड़ी में राव तुलाराम स्टेडियम में चल रही सेना भर्ती रैली का निरीक्षण कर रहे थे।

ब्रिगेडियर ने कहा कि वर्तमान में जो भर्ती का तरीका चल रहा है उसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा पहले होती है तथा उसके बाद लिखित परीक्षा ली जाती है लेकिन यह तरीका काफी पुराना हो चला है। उन्होंने कहा कि सेना में भर्ती के लिए शीघ्र ही नए तरीकों को अपनाया जाएगा। इन नए भर्ती नियमों के तहत उम्मीदवार के दिमागी कुशाग्रता की जांच पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। इसके तहत ही शारीरिक दक्षता से पूर्व उनकी कंप्यूटर आधारित परीक्षा ली जाएगी।

उन्होंने कहा कि सेना में अब शारीरिक के साथ ही मानसिक रूप से भी मजबूत जवानों की आवश्यकता है जो ड्यूटी के दौरान सभी तरह के मानसिक दबावों को सहन कर सके। उन्होंने कहा कि जवानों की मनोस्थिति को जानने के लिए ही भर्ती के दौरान ही अब उनका साइकलोजिकल टेस्ट भी लिया जाएगा । सर्वश्रेष्ठ को चुनना ही उनका लक्ष्य है और हर तरह के मापदंडो पर सर्वोत्तम रहने वाला नौजवान ही वर्तमान समय में सेना में भर्ती हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सेना में अब हथियारों की तकनीक में काफी बदलाव आया है।अब सेना में केवल राइफल ही नहीं बल्कि आधुनिक तकनीक से युक्त हाइटेक राडार, नाइट विजन हथियार सहित आधुनिक तकनीक वाली गाड़ियां आ गईं हैं। इन्हें चलाने के लिए तकनीकी जानकारी व कुशाग्र बुद्वि वाले जवानों की आवश्यकता है इसलिए भर्ती के तरीकों में बदलाव लाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

बिग्रेडियर जेएस सोइन ने प्रदेश के नौजवानों की तारीफ करते हुए कहा कि हरियाणा के छोरे वाकई में लाजवाब होते हैं। यहां के युवकों की कद काठी व शारीरिक हष्ट-पुष्टता अन्य प्रदेश के नौजवानों की तुलना में ज्यादा अच्छी होती है। उन्होंने कहा कि खेतों में काम करने वाले यहां के नौजवान सेना में भी उतनी ही ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से काम करते हैं जितनी मेहनत से वे अपनी जमीन पर फसल उगाते हैं।

उन्होंने कहा कि शारीरिक दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए युवकों को रोजाना कम से कम 2 घंटे कठिन अभ्यास करने की जरूरत है। युवा सेना में भी अपना कैरियर बना सकते हैं क्योंकि सेना ही एक ऐसा क्षेत्र है जो भर्ती होने से लेकर अंतिम समय तक अपने सैनिक की देखभाल करता है(दैनिक भास्कर,रेवाड़ी,11.11.2010)।

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