उपस्थिति कम होने की वजह से जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में 300 छात्रों परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया है। इंजीनियरिंग सहित दो दर्जन से अधिक कोसों की परीक्षा दिसंबर में हो रही है। जामिया प्रशासन ने पर्याप्त उपस्थिति नहीं होने की वजह से इन छात्रों के प्रति सख्त रवैया अपनाया। नाराज छात्रों ने कैंपस सहित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर विरोध भी जताया। उन्होंने विवि प्रशासन के इस फैसले के विरोध में डीयू व जेएनयू के छात्रों से भी समर्थन मांगा है। जामिया विश्वविद्यालय में सेमेस्टर सिस्टम लागू है। यूजीसी के गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा में बैठने के लिए कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में उपस्थिति में 10 प्रतिशत की छूट दिया जाता है। 65 प्रतिशत उपस्थित रहने वाले छात्रों को इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होता है। लेकिन परीक्षा से वंचित परीक्षार्थी इन मापदंडों से बाहर थे। जामिया में 20 हजार से ज्यादा छात्र विभिन्न कोर्सो की पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें से 300 छात्रों को परीक्षा से बाहर होना पड़ा। छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन झूकने को तैयार नहीं है। जामिया की प्रवक्ता सिमी मल्होत्रा का कहना है कि 75 प्रतिशत उपस्थिति सभी के लिए जरूरी है। जो छात्र दिसंबर में विभिन्न सेमेस्टर का परीक्षा देने वाले थे, उन्हें दोबारा इस सेमेस्टर की परीक्षा देनी पड़ेगी। इसके बाद वे दूसरे सेमेस्टर में जा सकेंगे(दैनिक जागरण,दिल्ली,15.12.2010)।
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