मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

15 दिसंबर 2010

रांची विश्वविद्यालयःसाल भर का कोर्स एक माह में पूरा करने की कवायद

रांची विश्वविद्यालय प्रशासन की लेटलतीफी के कारण स्नातक प्रथम खंड का रिजल्ट अभी तक नहीं निकला है। यही वजह है कि द्वितीय खंड का सेशन छह माह लेट है।
सेशन के अनुसार, द्वितीय खंड का परीक्षा फार्म मार्च में भरे जाते हैं, जबकि परीक्षा मई में होती है। अभी तक प्रथम खंड का रिजल्ट नहीं आया है।

जनवरी के द्वितीय सप्ताह में रिजल्ट आने की संभावना है। अंक पत्र जारी करने और एडमिशन होने तक जनवरी समाप्त हो जाएगा। छात्र सिर्फ एक माह अर्थात फरवरी में ही द्वितीय खंड की पढ़ाई कर सकेंगे, क्योंकि मार्च में इसका फार्म भरा जाएगा। परीक्षा फार्म भरने के बाद ऐसे भी कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम हो जाती है। विवि प्रशासन छात्रों से शिक्षण शुल्क पूरे वर्ष का लेता है और कक्षाएं सिर्फ एक माह, यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।


नियमानुसार किसी भी सिलेबस को पूरा कराने के लिए एक साल का पैमाना बनाया गया है। इस एक साल में विद्यार्थियों को उक्त विषय के विविध पहलुओं की जानकारी दी जाती है। यदि इससे कम समय में सिलेबस पूरा भी करा लिया जाता है, तब क्या वह गुणवत्तायुक्त शिक्षा होगी। शिक्षक तो सिलेबस पूरा कराने के नाम पर खानापूर्ति कर लेते हैं, वहीं विद्यार्थी परीक्षा देने के बाद सब कुछ भूल जाते हैं। 

परीक्षा परिणाम में विलंब की वजह 
विवि प्रशासन द्वारा बार-बार तिथि में परिवर्तन किए जाने के कारण स्नातक प्रथम खंड की परीक्षा में कई विषयों के परीक्षार्थी शामिल नहीं हो पाए थे। इन छात्रों के लिए रांची विवि में विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। हालांकि अभी तक तिथि घोषित नहीं की गई है। यहीं वजह है कि पूरी प्रक्रिया में विलंब हो रहा है।

कक्षा में नहीं आते छात्र 
स्नातक प्रथम खंड का रिजल्ट नहीं आने से छात्र कॉलेज नहीं आते हैं। शिक्षक द्वितीय खंड की पढ़ाई कराने के लिए तैयार हैं। द्वितीय खंड की पढ़ाई अभी तक शुरू नहीं होने से छात्रों का ही नुकसान होगा।
डॉ. एएन ओझा, प्राचार्य, जेएन कॉलेज, धुर्वा 

विवि से नहीं मिला निर्देश 
विश्वविद्यालय प्रशासन से द्वितीय खंड की पढ़ाई के लिए कोई लिखित निर्देश नहीं मिला है, जिस कारण पढ़ाई शुरू नहीं की जा सकी है। हां यह भी सही है कि पढ़ाई शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों का नुकसान हो रहा है।
डॉ. रामप्रवेश प्राचार्य, डोरंडा कॉलेज

मेरे यहां चल रही हैं कक्षाएं 
प्रथम खंड की परीक्षा समाप्ति के एक सप्ताह बाद से ही मैंने द्वितीय खंड की पढ़ाई अपने कॉलेज में शुरू करा दी थी, ताकि परिणाम का प्रभाव विद्यार्थियों पर नहीं पड़े, और समय पर सिलेबस भी पूरा हो सके।
डॉ. मंजू सिन्हा, प्राचार्या, वीमेंस कॉलेज


समय पर पूरा होगा कोर्स 
स्नातक प्रथम खंड के नतीजे घोषित होने में विलंब हो रहा है। बावजूद कॉलेज प्रबंधन कोर्स पूरा करने की रणनीति बना रहा है। इसके लिए विशेष कक्षाएं होंगी। कॉलेज प्रबंधन छात्र हित में हर कदम उठाने को तैयार है।
डॉ. रवींद्र कुमार, प्राचार्य, योगदा सत्संग कॉलेज

पढ़ाई शुरू नहीं करने के लिए कॉलेज प्रबंधन दोषी
रांची विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेजों को द्वितीय खंड की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दे चुका है। ताकि रिजल्ट देर से निकलने का प्रभाव छात्रों पर नहीं पड़े। द्वितीय खंड की पढ़ाई शुरू नहीं करने के लिए कॉलेज प्रबंधन ही दोषी है।
डॉ. एए खान, कुलपति, रांची विश्वविद्यालय(राकेश,दैनिक भास्कर,रांची,15.12.2010)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।