मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 57 नई पीजी सीटों को स्वीकृति केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है। जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को सूचित किया है कि यहां पर मेडिकल के उन्नयन कार्यक्रम के तहत 57 नई पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और डिप्लोमा स्वीकृत किये जाते हैं। इनमें प्रवेश और आगे की प्रक्रिया जल्द ही अपनाई जायेगी।
यहां उल्लेखनीय है कि दो माह पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने पूरे प्रदेश के साथ जबलपुर मेडिकल कॉलेज का भी दौरा किया था। इसमें यहां पर उपलब्ध संसाधन और वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की गई थी। इस टीम ने दिल्ली में जाकर जो रिपोर्ट दी, उसी के बाद आर्थिक मदद प्रदान की गई, साथ ही पीजी सीटें भी बढ़ाई गई हैं।
चार नये विभाग में पोस्ट ग्रेजुएट सीटें स्वीकृत की गई हैं तो कुछ पुराने विभाग में भी बढ़ी हैं। जबलपुर मेडिकल कॉलेज ही नहीं पूरे भारत के जितने भी शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल हैं, उनमें पोस्ट ग्रेजुएट सीटों को बढ़ाया गया है।
इससे होगा यह है कि ज्यादा विशेषज्ञ चिकित्सक तो मिलेंगे, साथ ही उपचार के लिए ज्यादा डॉक्टर भी जनता को मिलेंगे। मेडिकल क्षेत्र में कैरियर बनाने वाले छात्रों को ज्यादा अवसर मिलेंगे।
ग्रेजुएट के बराबर सीट
कुछ वर्षो में मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पीजी डिग्रियां अंडर ग्रेजुएशन सीट के बराबर अर्थात एबीबीएस के समान हो जायेंगी। केन्द्र सरकार की मंशा यही है कि डॉक्टर केवल स्नातक न रहे, यदि पीजी सीट संख्या बढ़ जायेगी तो स्नातक कर चुके डॉक्टर के पास भी अवसर रहेगा कि वह किसी एक विधा का विशेषज्ञ चिकित्सक बन सकता है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हमें राशि स्वीकृत होने की सूचना तो भेजी है, साथ ही यह भी जानकारी भेजी है कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज में 57 पीजी सीटें बढ़ाई गई हैं-डॉ.केडी बघेल,डीन(दैनिक भास्कर,जबलपुर,31.12.2010)
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