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17 दिसंबर 2010

दिल्ली में नर्सरी दाखिला : कम दूरी पर ज्यादा पॉइंट्स

दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को नर्सरी के लिए एडमिशन फॉर्म्युला बनाने की पूरी छूट दी है और स्कूलों ने इस पर विचार करना भी शुरू कर दिया है। हालांकि, स्कूलों का कहना है कि पिछले साल एडमिशन के लिए जो कैटिगरी बनाई गई थी, उनमें बड़े बदलाव नहीं किए जाएंगे। कुछ नई कैटिगरी शामिल की जा सकती हैं। ज्यादातर स्कूल नेबरहुड (घर से स्कूल की दूरी) कैटिगरी को पॉइंट सिस्टम में शामिल करने की बात कह रहे हैं और इस कैटिगरी को सबसे अधिक पॉइंट भी दिए जाएंगे। नेबरहुड के अलावा अलुमनी, सिबलिंग, गर्ल चाइल्ड, सिंगल पैरंट, सरकारी नौकरी, स्पेशल चाइल्ड की कैटिगरी भी होगी। स्कूल इन कैटिगरी में से ही चुनाव करेंगे, लेकिन नेबरहुड का चुनाव करीब-करीब सभी स्कूल करेंगे। इस बार स्कूल स्टाफ की भी एक कैटिगरी कुछ स्कूलों में देखने को मिल सकती है।
प्राइवेट स्कूलों में नर्सरी क्लास में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पैरंट्स के लिए भागदौड़ का दौर भी शुरू हो जाएगा और स्कूलों के फॉर्म्युले से ही एडमिशन के चांस के बारे में पता लग जाएगा। दूरी को लेकर स्कूल कई तरह की कैटिगरी बनाने की बात कर रहे हैं और उसमें फिट बैठने वाले बच्चों के लिए एडमिशन के बेहतर चांस रहेंगे। हर कैटिगरी के लिए अलग-अलग पॉइंट होंगे। स्कूलों का कहना है कि बच्चा स्कूल से बहुत अधिक दूरी पर न रहता हो और इसी को ध्यान में रखते हुए ही तीन कैटिगरी बनाई जाएंगी। पैरंट्स को स्कूलों के फॉर्म्युले को देखते हुए ही अप्लाई करना चाहिए और दूरी को जरूर ध्यान में रखना चाहिए। इससे उनकी भागदौड़ भी कम होगी और स्कूल को भी कम परेशानी होगी।
30 तक होंगे दूरी के पॉइंट्स

प्राइवेट स्कूलों की संस्था नैशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस (एनपीएससी) के वाइस चेयरमैन और बाल भारती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एल.वी. सहगल का कहना है कि पॉइंट सिस्टम में एरिया सबसे अधिक महत्वपूर्ण होगा और इसे सबसे अधिक पॉइंट दिए जाएंगे। स्कूल अपने-अपने हिसाब से एरिया को पॉइंट देंगे। मसलन 2-3 किमी की दूरी पर रहने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा पॉइंट मिलेंगे। इसके बाद 5 किमी का फैक्टर शामिल किया जा सकता है। सहगल के मुताबिक, उनके स्कूल में एरिया फैक्टर को 30 पॉइंट तक दिए जा सकते हैं। माउंट आबू पब्लिक स्कूल, रोहिणी की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा का कहना है कि उनके स्कूल में 5 से 6 कैटिगरी होंगी और डिस्टेंस की वेटेज 25 पॉइंट तक होगी। उनका कहना है कि स्कूल में 1200 से अधिक आवेदन आते हैं और सीटों का नंबर करीब 200 तक है, ऐसे मंे कम दूरी पर रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। 
दूरी के भी होंगे हिस्से 
एयरफोर्स बाल भारती स्कूल , लोधी रोड के प्रिंसिपल आनंद स्वरूप का कहना है कि यह स्कूलों पर होगा कि दूरी को कितने हिस्सों में बांटते हैं। मसलन 2 से लेकर 10 किमी तक की दूरी पर रहने वाले बच्चों को पॉइंट दिए जा सकते हैं , लेकिन कम दूरी पर रहने वाले बच्चों को निश्चित तौर पर प्राथमिकता मिलेगी। उनका कहना है कि आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों के लिए स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं और इस बार इन 25 प्रतिशत में स्टाफ वार्ड को शामिल नहीं करने का आदेश सरकार ने दिया है और कहा है कि एक लाख रुपये तक की सालाना आय वाले पैरंट्स के बच्चों को ही इस कैटिगरी में एडमिशन दिया जाए। फिर चाहे वह पैरंट्स स्कूल का कर्मचारी हो या कोई और। स्वरूप का कहना है कि इसे देखते हुए उनके स्कूल में स्टाफ की भी एक कैटिगरी बनाई जाएगी और कुछ सीटें रखी जाएंगी(नवभारत टाइम्स,दिल्ली,17.12.2010)। 

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