राजधानी के छोटे-बड़े दो हजार पब्लिक स्कूलों में नर्सरी में दाखिला प्रक्रिया एक जनवरी से शुरू हो रही है। पहली जनवरी से 15 जनवरी तक फार्म मिलेंगे। पहली जनवरी से ही 31 मार्च तक दाखिले लिए जाएंगे। सभी स्कूलों में फार्म की बिक्री और जमा करने के लिए अलग-अलग काउंटर होंगे। राजधानी में नर्सरी की पढ़ाई कराने वाले करीब दो हजार पब्लिक स्कूल हैं। इनमें से 800 स्कूल दिल्ली नगर निगम और 1150 स्कूल दिल्ली सरकार में पंजीकृत हैं। डीडीए की जमीन पर चलने वाले स्कूलों की संख्या 392 हैं, जिनमें से 150 स्कूलों में केवल नर्सरी और पहली कक्षा ही पढ़ाई होती है। इस साल सरकारी स्कूलों व पब्लिक स्कूलों में नर्सरी में करीब दो लाख बच्चों का दाखिला होना है। अभिभावक पहले उन्हीं स्कूलों में जाएं, जहां पर वे बच्चे का दाखिला करवाना चाहते हैं। फार्म खरीदने के साथ स्कूल कई बातें पता कर लें। स्कूल की फीस आपके बजट में है या नहीं। उनकी पसंद का स्कूल उनके घर से कितनी दूरी पर स्थित है ताकि बच्चों को आने-जाने में सुविधा हो। हालांकि दिल्ली सरकार की ओर से नर्सरी दाखिला पर दिशा-निर्देश आना बाकी है। अगर दाखिला प्वाइंट सिस्टम से होता है तो अभिभावकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि किन स्कूलों में उन्हें अधिक प्वाइंट मिल रहे हैं। अगर आप लड़की का दाखिला कराने जा रहे हैं तो उन स्कूलों का पता करें जिसमें पहली बच्ची कन्या होने पर तरजीह दी गई है। बच्चों को ए,बी,सी,डी की तैयारी कराने के पहले अभिभावक अपनी तैयारी पूरी कर लें। दाखिला के लिए बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि कागजात जरूर तैयार रखें। अभिभावक रखें ध्यान ल्लस्कूलों का चुनाव घर की दूरी के हिसाब से करें ल्लअपने आय के हिसाब से ही स्कूलों का चुनाव करें ल्लफार्म खरीद कर घर ले जाएं, फिर सोच-विचार करने के बाद आराम से फार्म भरें ल्लस्कूलों में अलग-अलग समय होता है, भागमभाग न करें ल्लफार्म खरीदने के साथ दाखिले की पूरी प्रक्रिया जान लें ल्लअपना शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी निकाल लें ल्लबच्चे का जन्म प्रमाणपत्र भी होना बेहद जरूरी है ल्लपहला बच्चा जहां पढ़ता है, कोशिश करें कि दूसरे का भी दाखिला वहीं हो(दैनिक जागरण,दिल्ली,15.12.2010)।
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