एयर इंडिया से निकाली गई जिन एयर होस्टेस को मैनेजमेंट ने कू्र मेंबर की कमी होने पर दोबारा नौकरी पर आने के लिए ऑफर लेटर भेजे थे उनमें से किसी भी एयर होस्टेस ने महाराजा की फिर से नौकरी करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। पता लगा है कि कुछ एयर होस्टेस ने अपने जवाब में कहा है कि पहले तो उन्हें ओवरवेट होने पर वीआरएस लेने पर मजबूर कर दिया था। अब जरूरत पड़ी तो उन्हें याद किया गया। ऐसे में हम अब नौकरी पर नहीं आएंगे।
असल में करीब दो साल पहले एयर इंडिया मैनेजमेंट ने अपने फ्लाइट ऑपरेशंस के क्रू स्टाफ में से ऐसी 25 एयर होस्टेस को नौकरी से निकाल दिया था जिनका वजन तय मानकों से अधिक हो गया था। उस वक्त इस बात को लेकर काफी हो-हल्ला भी मचा था, लेकिन बावजूद इसके इन एयर होस्टेस को वीआरएस लेकर अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। अब पिछले महीने से एयर इंडिया ने दिल्ली में अपने फ्लाइट ऑपरेशंस में 7 इंटरनैशनल और 12 डोमेस्टिक फ्लाइट्स को बढ़ा दिया था। क्रू मेंबर्स में बढ़ोतरी न होने और फ्लाइट्स बढ़ने की वजह से एयर इंडिया को एयर होस्टेस की कमी का सामना करना पड़ा और इसका असर अधिकतर समय फ्लाइट लेट होने के रूप में सामने आने लगा। इसके बाद मैनेजमेंट को इन 25 एयर होस्टेस की याद आई जिनकी ओवरवेट होने पर नौकरी से छुट्टी कर दी गई थी।
इन सभी को महाराजा की ओर से दोबारा नौकरी जॉइन करने के लिए ऑफर लेटर भेजे गए। एयर इंडिया के ही एक टॉप अधिकारी ने बताया कि इन एयर होस्टेस को न केवल ऑफर लेटर भेजे गए थे बल्कि ऑफर लेटर में यह भी लिखा गया था कि जिन एयर होस्टेस का वजन तय मानकों से एक से तीन किलो भी अधिक है तो भी वह नौकरी पर आना चाहें तो उन्हें रख लिया जाएगा। अब सूत्रों ने बताया है कि इन सभी एयर होस्टेस ने नौकरी पर आने के लिए मना कर दिया है। ऐसे में एयर इंडिया को अपने फ्लाइट्स ऑपरेशंस को सामान्य बनाए रखने के लिए दिल्ली से चार फ्लाइट कम करनी पड़ी हैं। इनमंे दो अमृतसर, एक पटना और एक मुंबई वाली फ्लाइट शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि ऑफर लेटर ठुकराकर एयर होस्टेस ने एक तरह से मैनेजमेंट को करारा झटका दिया है क्योंकि मैनेजमेंट को इस बात की पूरी उम्मीद थी कि इनमें से काफी एयर होस्टेस दोबारा नौकरी पर आ जाएंगी(मनीष अग्रवाल,नवभारत टाइम्स,दिल्ली,19.12.2010)।
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