काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित विज्ञान संकाय का एक छात्र रैगिंग का दोषी पाया गया है। उस पर इंटरनेट के जरिए छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने का आरोप है। विश्वविद्यालय की ओर से बुधवार को जारी सूचना के मुताबिक बीएससी सांख्यिकी अंतिम वर्ष के छात्र गौरव रंजन को पांचवे सेमेस्टर की परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया है। तीन महीने तक कक्षा से निलंबन व छात्रावास की सुविधा से वंचित करने के अलावा भविष्य में विश्वविद्यालय के किसी भी पाठ्यक्रम में दाखिले पर रोक लगा दी गई है।
जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना की सूचना लंका थाने को भी दी। वहीं लंका थाना प्रमुख मोहन वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की गई। छात्राओं ने इस संबंध में थाने को यह लिखकर दे दिया है कि वे विश्वविद्यालय की ओर से छात्र पर की गई कार्रवाई से संतुष्ट हैं लिहाजा पुलिस कार्रवाई न की जाए। बताया जाता है कि उक्त छात्र इंटरनेट के माध्यम से अपनी कक्षा की कुछ छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजा करता था। इसे लेकर छात्राएं काफी परेशान थी। कुछ दिन पूर्व उन्होंने इसकी शिकायत विभाग के शिक्षक से की। उन्होंने इस मामले को एंटी रैगिंग स्क्वायड के हवाले कर दिया। स्क्वायड ने पूरी पड़ताल की। कई छात्र-छात्राओं से पूछताछ की और इसकी वीडियोग्राफी भी कराई। रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी। मंगलवार की शाम वीसी लाज में कुलपति की अध्यक्षता में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में इस घटना को रैंगिग मानते हुए छात्र के खिलाफ कार्रवाई की गई।
चालू सत्र और रैगिंग
इस सत्र में बीएचयू में रैगिंग की गंभीर घटना सिंतबरके दूसरे पखवारे में सामने आई थी। इस घटना में वाणिज्य संकाय के एक छात्र के साथ उसके सहपाठियों पर व्यभिचार का भी आरोप लगा था। इस प्रकरण में छह छात्र दोषी पाए गए थे जिनमें चार को जेल की हवा खानी पड़ी। सितंबर माह के पहले पखवारे में ही संबद्ध वसंता कालेज में एक छात्रा पर रैगिंग का आरोप लगा था। उसे दंड स्वरूप एक सप्ताह के लिए कालेज से निष्कासित होना पड़ा था। इस सत्र के आरंभ में विश्वेश्वरैया हॉस्टल में छात्रों में मारपीट हुई थी जिसमें तीन छात्र नपे थे(दैनिक जागरण संवाददाता,वाराणसी,1.12.2010)।
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