वॉयस आर्टिस्ट दरअसल वे लोग होते हैं जो फिल्म के पर्दे या टेलीविजनस्क्रीन पर दिख रहे किरदारों को अपनी आवाज के जरिए जीवंत बनाते हैं। फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों के अलावा रेडियो या टीवी विज्ञापनों, ड्रामा, विदेशी भाषाओं में डब की जाने वाली फिल्मों, वीडियो गेम, पपेट शो आदि में भी वॉयस आर्टिस्ट अपनी आवाज का कमाल दिखा सकते हैं। कई बार गानों में भी वॉयस आर्टिस्ट की आवाज इस्तेमाल की जाती है। वॉयस आर्टिस्ट बनने की इच्छा रखने वालों के लिए डिग्री का चलन भारत में लोकप्रिय नहीं हुआ है।
लिहाजा अपने नियमित अभ्यास और काम करते हुए सीखने की व्यावहारिक पद्धति पर ही ज्यादा जोर है। वॉयस आर्टिस्ट बनने के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग की बहुत ज्यादा जरूरत भी नहीं है। वॉयस आर्टिस्ट बनने के लिए आवाज को अलग-अलग रूप में इस्तेमाल करने का अभ्यास जरूरी है। जहां तक वॉयस आर्टिस्ट की ट्रेनिंग का सवाल है तो इसमें नवीनतम तकनीक का परिचय कराने के अलावा स्किल निखारने के गुर सिखाए जाते हैं। वॉयस आर्टिस्ट का कोर्स कुछ दिन से कुछ महीनों तक चलता है। गौरतलब है कि वॉयस आर्टिस्ट को भाषा की बेहतरीन जानकारी तो होनी ही चाहिए, साथ ही, स्क्रीन पर किरदारों के हावभाव और उनके हिल रहे होंठों से अपनी आवाज का तालमेल बिठाने की क्षमता भी होनी चाहिए। यह नियमित अभ्यास से ही संभव हो सकता है।
अगर आपकी आवाज अच्छी है, आप अपने सुनने वालों को जानते-समझते हैं और बोले गए शब्दों के प्रति आप में जुनून है तो एक सफल वॉयस आर्टिस्ट बनने के लिए इससे ज्यादा कुछ भी नहीं चाहिए। स्क्रिप्ट लिखने की क्षमता और विदेशी भाषाओं में दक्षता वॉयस आर्टिस्ट की मार्केट वैल्यू बढ़ाने के अतिरिक्त जरिया है। वर्तमान में एनिमेशन फिल्मों और वीडियो गेम के बढ़ते बाजार में वॉयस आर्टिस्ट के लिए रोजगार के काफी उजले अवसर हैं। इस क्षेत्र में उन लोगों के लिए ज्यादा मौके हैं जो अपने गले से कई तरह की आवाज निकाल सकने में माहिर हैं। कई किरदारों को एक ही व्यक्ति की अलग-अलग आवाज के जरिए जीवंत बनाने की काबिलियत कंपनियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है, लिहाजा ऐसे लोगों की मांग भी ज्यादा होती है।
वॉयस आर्टिस्ट के रूप में कॅरिअर बनाने वालों के लिए रोजगार के उजले अवसर हैं। वैसे, आजकल वॉयस आर्टिस्ट की डिमांड बढ़ने से काम मिलना काफी आसान हो गया है। रेडियो, विज्ञापन, वीडियो गेम आदि कई क्षेत्रों में वॉयस आर्टिस्ट की मांग तो थी ही लेकिन पिछले कुछ सालों में एनिमेटेड फिल्मों की रिकॉर्डतोड़ कामयाबी के बाद फिल्मों में भी वॉयस आर्टिस्टों के लिए संभावनाओं के नए दरवाजे खुल गए हैं। अब तो अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान एवं सलमान खान जैसे बॉलीवुड के बड़े कलाकार भी एनिमेशन फिल्मों में वॉयस आर्टिस्ट के रूप में अपनी आवाज दे रहे हैं।
ज्यादातर प्रोडक्शन हाउस या वॉयस आर्टिस्टों की सेवाएं लेने वाले संस्थान इन कलाकारों का पैनल बनाते हैं जिसमें से वे जरूरत के मुताबिक आर्टिस्टों को काम के लिए बुलाते हैं। टीवी सीरियल के लिए अपनी आवाज देने वाले आर्टिस्टों को आजकल प्रति एपिसोड १५०० से २५०० रुपए मिलना आम बात है। काम देखते हुए यह रकम १० हजार रुपए प्रति एपिसोड भी हो सकती है, जबकि फिल्मों में किसी एक किरदार के लिए आवाज देने की एवज में ७५ हजार रुपए से एक लाख रुपए तक मिल सकते हैं। आजकल कई कंपनियां वॉयस आर्टिस्टों का ऑनलाइन डाटाबैंक भी मेंटेन करती हैं।
कहां से करें कोर्स
*माया एकेडमी, नई दिल्ली।
*पंपकिन एकेडमी ऑफ डिजिटल आर्ट्स ट्रेनिंग, नई दिल्ली।
*एनीटूंस एनिमेशन एकेडमी, मालवीय नगर, नई दिल्ली।
*क्रेस्ट एनिमेशन स्टूडियो, मुंबई।
*टूंस एनिमेशन, तिरुअनंतपुरम, केरल
(जयंतीलाल भंडारी,नई दुनिया,दिल्ली,13.12.2010)
बहुत काम की जानकारी है।
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