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22 दिसंबर 2010

चाय उद्योग में कॅरिअर

भारत में चाय की सबसे ज्यादा खपत होती है। यही नहीं, चाय का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक भी भारत ही है। ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश भारत से भारी मात्रा में चाय आयात करते हैं। ऐसे में टी (चाय) इंडस्ट्री में रोजगार के मौकों की कमी नहीं है। टी इंडस्ट्री में जिन-जिन क्षेत्रों में कॅरिअर की संभावनाएं हैं वे इस प्रकार हैं-

प्लांटेशन- प्लांटेशन के कम में पौधों का रोपण, उनकी देखभाल, खाद आदि देना और फसल पकने पर चाय की पत्तियों को चुनना शामिल होता है। इसके बाद प्रोसेसिंग की बारी आती है जिसमें पत्तियों की क्रशिंग, टियरिंग और कर्लिंग की जाती है। इसके बाद चाय की पैकिंग होती है और उसे बाजार में बेचने हेतु भेज दिया जाता है।

टेस्टिंग- चाय पीकर उसके स्वाद के आधार पर उसे श्रेणीगत करने की कला के धनी युवाओं के लिए बतौर टी टेस्टर कॅरिअर की सुनहरी डगर मौजूद है। एक वर्षीय प्रशिक्षण के बाद युवा आकर्षक वेतनमान पर इस कार्य से जुड़ सकते हैं। स्वाद के अनुरूप ही विभिन्न कंपनियों द्वारा कई ब्रांडों की चाय बाजार में विपणन हेतु उपलब्ध कराई जाती है। चाय एक ऐसा उत्पाद है जो सीधे बागानों से खुले बाजार में नहीं बेचा जाता है। टी टेस्टर चाय को चखकर उसके स्वाद व क्वालिटी के अनुसार उसके मापदंडों को निर्धारित करता है। उसी के अनुसार उसका मूल्यांकन करके उसके मूल्यों को निश्चित करता है। इसके बाद ही चाय की नीलामी होती है। किसी चाय की क्वालिटी और ब्रैंडिंग उसके फ्लेवर से निर्धारित होती है। टी टेस्टिंग एक स्पेशलाइज्ड ब्रांच है। जो लोग इस काम को करना चाहते हैं, उन्हें अपना स्वाद इस तरह डेवलप करना चाहिए, जिससे वे अलग-अलग फ्लेवर्स के बीच अंतर महसूस कर सकें। टी टेस्टर को चाय के विभिन्न फ्लेवर्स और खुशबुओं के बीच अंतर करना होता है। आजकल ज्यादातर चाय कंपनियां क्वालिटी औरस्टैंडर्ड को मेनटेन रखने के लिए टी टेस्टर्स की नियुक्तियां करती हैं।


रिसर्च- अच्छी क्वालिटी की चाय का उत्पादन करने के लिए वैज्ञानिक, बॉटेनिस्ट, बायोटेक्नोलॉजिस्ट कई तरह की रिसर्च करते हैं। टी इंडस्ट्री में प्रवेश के लिए यूं तो किसी खास योग्यता की जरूरत नहीं होती, लेकिन फूड साइंस या एग्रीकल्चर साइंस में डिग्रीधारकों को इसमें वरीयता दी जाती है। मार्केटिंग या रूरल मैनजमेंट में एमबीए करने के बाद भी टी मार्केटिंग के क्षेत्र में अपना कॅरिअर बना सकते हैं। चाय से संबंधित कोर्सों में एडमिशन लेने के लिए आपको कम से कम बारहवीं उत्तीर्ण होना चाहिए। इन संस्थानों में चाय के प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग, फाइनेंस, मार्केटिंग और सेल्स जैसे लगभग सभी क्षेत्र कवर किए जाते हैं। देश में चाय की डिमांड उसकी सप्लाई से कहीं ज्यादा है। ऐसे में दो टी एसोसिएशन और टी बोर्ड ऑफ इंडिया में रोजगार की काफी उजली संभावनाएं हैं। टी ऑक्शन हाउसेज में भी नौकरी की उजली संभावनाएं हैं। मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में भी चमकीले अवसर है।

कहां से करें कोर्सः
असम-दार्जीलिंग टी रिसर्च सेंटर, दार्जीलिंग।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट, बेंगलुरु।

असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, असम। 

दीपरास इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, कोलकाता।

दार्जीलिंग टी रिसर्च एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन, कदमतला,कोलकाता
(जयंतीलाल भंडारी,नई दुनिया,दिल्ली,20.12.2010)

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