मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

07 दिसंबर 2010

गोरखपुरःयूपी बोर्ड परीक्षा के तैंतीस नये परीक्षा केन्द्र बने

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस साल यूपी बोर्ड परीक्षा को सुचारु रूप से सम्पन्न कराने के लिए गोरखपुर में 33 नये परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया है। यूपी बोर्ड परीक्षा 2010- 11 में कुल 213 परीक्षा केन्द्रों पर लगभग 1 लाख 43 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। 17 स्कूलों में सिर्फ हाईस्कूल की परीक्षा होगी, शेष सभी विद्यालयों में हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट की परीक्षा होगी। लगभग 83 हजार हाईस्कूल और 60 हजार परीक्षार्थी इण्टरमीडिएट की परीक्षा में बैठेंगे।


पिछले वर्ष कुल 1 लाख 20 हजार परीक्षार्थियों के लिए 180 परीक्षा केन्द्र बनाये गये थे। परीक्षार्थियों की संख्या में लगभग 23 हजार की बढ़ोत्तरी के चलते इस साल 33 नये परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक रविन्द्र सिंह के अनुसार इस वर्ष निर्धारित 213 परीक्षा केन्द्रों में 117 सहायता प्राप्त, 5 राजकीय, 2 रेलवे के अलावा शेष वित्तविहीन स्कूल हैं। बता दें कि शासन ने 500 छात्र संख्या वाले वित्त विहीन और 1200 छात्र संख्या वाले सहायता प्राप्त विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाने का निर्देश दिया है। ऐसे में केन्द्रों की संख्या बढ़ने के बावजूद कुछ पुराने वित्त विहीन परीक्षा केन्द्रों पर इस साल परीक्षा नहीं होगी। महानगर के मैना देवी, आदर्श इण्टर कालेज- नौसढ़, नारी कला निकेतन बढ़गो, मौलाना आजाद ग‌र्ल्स कालेज को परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया है। जबकि शहर के राम नरायण लाल ग‌र्ल्स, शास्त्री उच्चतरमाध्यमिक विद्यालय रेलवे, विवेकानन्द शिक्षा निकेतन शाहपुर, मुर्तजा हुसैन हायर सेकेण्डरी घासीकटरा विद्यालयों को नया परीक्षा केन्द्र बनाया गया है।


15 से शुरू होंगी प्रायोगिक परीक्षाएं?
यूपी बोर्ड की लिखित परीक्षाएं आगामी 15 मार्च से शुरू होने की संभावना है। जल्द इस पर मुहर भी लग जायेगी। इसके पहले माध्यमिक शिक्षा परिषद दो चरणों में प्रायोगिक परीक्षा सम्पन्न करा लेना चाहता है। ऐसे में पहले चरण की परीक्षा 15 दिसम्बर तथा दूसरे चरण की परीक्षा 23 दिसम्बर से शुरू हो सकती हैं। दूसरे चरण में गोरखपुर जनपद की परीक्षाएं हो सकती हैं।

दागी प्रधानाचार्य नहीं बनेंगे केन्द्र व्यवस्थाप
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार की परीक्षा में दागी प्रधानाचार्यो से किनारा कर लिया है। जिन प्रधानाचार्यो के कार्यकाल में विद्यालय काली सूची में दर्ज हुआ है, उस प्रधानाचार्य को बोर्ड परीक्षा के दौरान केन्द्र का व्यवस्थापक नहीं बनाया जायेगा। यही नहीं परीक्षा से संबंधित कहीं भी उनकी ड्यटी नहीं ली जायेगी। अगर वह किसी दूसरे विद्यालय में स्थानान्तरित हो जाते हैं तो वहां भी उनको परीक्षा से बाहर ही रखा जायेगा। अगर काली सूची में विद्यालय दर्ज है और वहां दूसरे प्रधानाचार्य स्थानान्तरित होकर आ जाते हैं तो वह केन्द्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी संभालेंगे(दैनिक जागरण संवाददाता,गोरखपुर,7.12.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।