प्रमोशन में आरक्षण मामले पर हारी सरकार
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर मुहर लगा दी है जिसमें 2002-2008 की अधिसूचनाओं को निरस्त कर इनके तहत निकले आदेशों को भी रद्द करार दिया था। इन आदेशों से प्रदेश में पदोन्नति संबंधी 13 साल पुरानी व्यवस्था कायम करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से 13 साल से अटकी आरएएस से आईएएस पदोन्नति का रास्ता भी साफ हो गया है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश नरेन्द्रकुमार जैन व आर.एस. राठौड़ की खण्डपीठ ने बजरंग लाल शर्मा, समता आंदोलन व अन्य की याचिकाओं पर 28 दिसम्बर 02 व 25 अप्रैल 08 की पदोन्नति में री-गेनिंग सम्बन्धी अधिसूचनाओं तथा उसके तहत निकाले आदेश और कार्रवाईयों को भी निरस्त कर दिया था।
न्यायालय ने कहा था कि राज्य सरकार की ओर से 28 दिसम्बर 02 को जारी अधिसूचना संविधान के अनुच्छेद 14, 16 व 16 (4 ए) का उल्लंघन है, इस अधिसूचना के जरिए एक अप्रेल 97 से नियमों में संशोधन कर दिया था। साथ ही, 25 अप्रैल 08 को जारी अधिसूचना को भी संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 के विपरीत कर दिया है(राजस्थान पत्रिका डॉट कॉम,7.12.2010)।
भर्ती नियमों में आंशिक संशोधन
सहकारी बैंकों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से भर्ती नियमों में आंशिक संशोधन किया गया है। अब बैंकों में भर्ती के लिए राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान 'राइसेम' नोडल संस्था होगी और बैंक स्तर पर गठित कमेटी द्वारा साक्षात्कार के बाद नियुक्ति सम्बन्धी औपचारिकता बैंक के मुख्य कार्यकारी अघिकारी (प्रबंध संचालक) पूरी करेंगे।
राजस्थान राज्य सहकारी बैंक, भूमि विकास बैंक सहित सभी केन्द्रीय सहकारी बैंकों की सीधी भर्ती के लिए रिक्त पदों पर अघिकारियों और कर्मचारियों के चयन वास्ते पहले सहकारी बैंक नोडल एजेंसी थी। राइसेम के सहकारिता रजिस्ट्रार निर्घारित स्वतंत्र भर्ती संस्थान के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न करेंगे।
बैंकें वहन करेंगी भर्ती खर्च
सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार ने यह संशोधन राजस्थान सहकारी सोसायटी नियमों में निर्घारित शक्तियों का उपयोग करते हुए किया है। संशोघित आदेशों के अनुसार नोडल एजेंसी एवं स्वतंत्र भर्ती संस्थान एक अघिकृत संस्था के रूप में सफल अभ्यर्थियों की सूची सहकारी बैंक, भूमि विकास बैंक सहित सभी केन्द्रीय सहकारी बैंकों को उपलब्ध करवाएगी। परीक्षा का शुल्क नोडल एजेंसी निर्घारित करेगी। भर्ती पर होने वाला खर्च नियमानुसार सम्बन्घित बैंक वहन करेंगे।
अन्तिम निर्णय संचालक मण्डल का
लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार एवं अन्तिम चयन सम्बन्घित बैंक के संचालक मण्डल द्वारा गठित कमेटी करेगी। इस कमेटी के मुखिया सम्बन्घित सहकारी बैंक के अध्यक्ष होंगे। सम्बन्घित बैंक का मुख्य कार्यकारी अघिकारी कमेटी का सदस्य सचिव होगा।
निर्वाचित संचालक मण्डल नहीं होने की स्थिति में बैंक प्रशासन कमेटी के अध्यक्ष तथा रजिस्ट्रार द्वारा मनोनीत अघिकारी कमेटी के सदस्य होंगे। कमेटी द्वारा चयनित अभ्यर्थी की नियुक्ति मुख्य कार्यकारी अघिकारी द्वारा की जाएगी(राजस्थान पत्रिका डॉटकॉम,7.12.2010)।
वनरक्षक भर्ती परीक्षा फिर खिसकी
करीब ढाई दशक के बाद हो रही वन रक्षकों की भर्ती परीक्षा एक बार फिर आगे खिसक गई है। अब यह तीस जनवरी को हो सकती है। पहले परीक्षा 26 दिसम्बर को होनी थी, लेकिन आवेदन पत्रों की जांच समय पर नहीं होने के कारण बाद में इसकी तिथि 6 जनवरी तय की गई।
सोमवार को वन विभाग के उच्च अधिकारियों की जयपुर में बैठक हुई। लेकिन इसकी निश्चित तिथि फिर भी निर्धारित नहीं हो सकी। सूत्रों ने बताया कि तीस जनवरी संभावित तिथि है।
उल्लेखनीय है कि सभी जिला मुख्यालयों पर हजारों युवाओं ने आवेदन किए है लेकिन इनकी जांच अभी तक नहीं होने एवं कई जिलों में परीक्षा केन्द्र की व्यवस्था नहीं होने के कारण इसकी तिथि आगे बढ़ाने का निर्णय किया गया है। बीकानेर जिले में 37 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन जमा कराए हैं(राजस्थान पत्रिका डॉटकॉम,बीकानेर,7.12.2010)।
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालयःनियुक्तियों पर बोम की मुहर
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव और अनुभाग अधिकारी पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बोम) ने अनुमोदन कर दिया है। सोमवार को कुलपति डॉ. जी. आर. जाखड़ की अध्यक्षता में हुई बोम की बैठक में अन्य प्रस्तावों का भी अनुमोदन हुआ।
दो पदों पर नियुक्ति के लिए गठित चयन समिति ने अपनी अनुशंसा बोम के सदस्यों के समक्ष रखी, जिसका अनुमोदन कर दिया गया। इसके बाद सहायक कुलसचिव पद पर सुरेन्द्र कुमार गोदारा तथा अनुभाग अधिकारी पद पर मोहम्मद अली को नियुक्ति दे दी गई। परीक्षा नियंत्रक पद की नियुक्ति पर हाईकोर्ट की ओर से रोक लगी होने के कारण उसका लिफाफा नहीं खुला। बैठक में शिक्षक कल्याण कोष के लिए नियमावली का अनुमोदन किया गया तथा कर्मचारियों की पदोन्नति व सेवा नियमों के लिए समिति बनाई गई। चार महाविद्यालयों की वर्ष 2010-11 के लिए सम्बद्धता भी निरस्त कर दी गई। इनमें से तीन की एनओसी राज्य सरकार ने निरस्त कर दी थी। बैठक में विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन के विस्तार पर भी बोम सदस्यों ने सहमति दे दी(राजस्थान पत्रिका डॉटकॉम,बीकानेर,7.12.2010)।
उदयपुर आईआईएमः पॉलीमर साइन्स बिल्डिंग में चलेगा
राज्य सरकार ने उदयपुर में आईआईएम के संचालन के लिए सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में नवनिर्मित पॉलीमर साइन्स बिल्डिंग के उपयोग का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही आईआईएम के लिए विश्वविद्यालय के एम.बी. कॉलेज हॉस्टल का भी उपयोग किया जाएगा। इस भवन में पुस्तकालय, खेल परिसर जैसी सुविधा भी हैं। हॉस्टल में 70 छात्रों को आवासीय सुविधा मिलेगी। पिछले कुछ दिन से आईआईएम संचालन को लेकर विवाद की सी स्थिति बन गई थी। इस बारे में तकनीकी शिक्षा मंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीय सोमवार को मुख्यमंत्री से मिले थे। मुख्यमंत्री ने खुद भी दो दिन पहले इस बारे में फीडबैक लिया था। इसके बाद आईआईएम संचालन को लेकर यह कदम उठाया गया। इससे पहले यह आशंका भी जताई गई थी कि इस साल आईआईएम छात्रों के अध्ययन का काम अहमदाबाद आईआईएम में शिफ्ट किया जा सकता है(त्रिभुवन,भास्कर डॉटकॉम,जयपुर,7.12.2010)।
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