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17 दिसंबर 2010

राजस्थानःशिक्षा और रोज़गार समाचार

तकनीकी शिक्षा बोर्ड का होगा गठन
राज्य में तकनीकी शिक्षा बोर्ड का गठन होगा। तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर आईटीआई खोलने के प्रयास जारी हैं। यह बात तकनीकी शिक्षा और जनजाति विकास मंत्री महेंद्रजीत मालवीय ने गुरूवार को राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में संभाग स्तरीय बैठक में कही।
तकनीकी शिक्षा, जन अभाव अभियोग और जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की संभाग स्तरीय बैठक में मालवीय ने कहा कि ठोस फैसले लेकर तकनीकी शिक्षा में सुधार किया जाएगा। कनिष्ठ अभियंता के पद पुन: सृजन के बारे में कार्रवाई जारी है। तकनीकी समस्याओं के सरलीकरण से भविष्य में राज्य का तकनीकी दृष्टि से विकास होगा। उन्होंने सरकार की तकनीकी शिक्षा नीति के बारे में कहा कि राज्य में 168 नए पॉलीटेक्निक खोले गए हैं। इससे नौजवानों को तकनीकी क्षेत्र में फायदा मिलेगा। जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और नागरिकों के मिलजुल कर काम करने से राज्य का सभी क्षेत्रों में विकास होगा। जनजाति क्षेत्र विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव एस. आर. मीणा ने अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा, नागौर के जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को बजट का उपयोग करने को कहा।
विधायक वासुदेव देवनानी ने शिक्षा के लिए आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने और गुणात्मक सुधार पर जोर दिया। महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एम.सी.गोविल और भीलवाड़ा के एमएलवी टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कॉलेज के रजिस्ट्रार ने प्रस्ताव और अनुदान की जानकारी दी। पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य पी.सी.मकवाना ने स्वागत किया।
बढ़ेंगी सुविधाएं
मालवीय ने जोधपुर स्थित प्राविधिक निदेशालय के अधिकारियों को सुविधाएं देने और राजकीय महिला इंजीनियरिंग कॉलेज में संसाधनों की बढ़ोतरी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे तकनीकी शिक्षा को अग्रणी बनाने में मदद मिलेगी(राजस्थान पत्रिका,अजमेर,17.12.2010)।

ई-मित्र केंद्रों से मिलेंगे प्रवेश-पत्र
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 19 से 22 दिसम्बर तक होने वाली द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए तैयारी तेज कर दी है। प्रवेश-पत्र संबंधी परेशानी को देखते हुए आयोग ने ई-मित्र केंद्र से भी प्रवेश-पत्र लेने की सुविधा दी है।
सचिव के.के. पाठक ने बताया कि प्रवेश-पत्र जिला मुख्यालयों पर स्थित ई-मित्र केंद्रों पर पांच रूपए जमा करा कर लिए जा सकते हैं। इसके अलावा शुक्रवार से शुरू होने वाले कंट्रोल रूम से भी प्रवेश पत्र हासिल किए जा सकते हैं(राजस्थान पत्रिका,अजमेर,17.12.2010)।

शिक्षा बोर्ड मेरिट में कई नए चेहरे शामिल
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी सीनियर सैकंडरी की स्थाई वरीयता सूची में कई विद्यार्थियों की मेरिट में बदलाव हुआ है।
बोर्ड सचिव मिरजूराम शर्मा ने बताया कि वाणिज्य वर्ग की योग्यता सूची में शामिल झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी के टेगौर बाल निकेतन सीनियर सैकंडरी स्कूल के गणेश मित्तल (नामांकन संख्या 1343646) के अंक संवीक्षा के बाद 582 से बढ़कर 584 हो गए। उसे नवें स्थान पर शामिल किया गया है।
विज्ञान वर्ग की योग्यता सूची में कोटा के मयंक सीनियर सैकंडरी स्कूल, विज्ञान नगर की खुशबू जैन (नामांकन संख्या 1166082) के अंक संवीक्षा के बाद 614 से बढ़ कर 614 हो गए। उसे सूची में आठवें से सातवें स्थान पर शामिल कर लिया गया। प्रवेशिका परीक्षा की योग्यता सूची में अलवर के कोटकासिम के राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालय की नेहा शर्मा (नामांकन संख्या 2000440) ने संवीक्षा के बाद 498 अंक हासिल किए। पहले उसके 497 अंक थे। उसे योग्यता सूची में दसवें स्थान पर शामिल किया गया है(राजस्थान पत्रिका,अजमेर,17.12.2010)।

राजस्थान विश्वविद्यालयःएलएलएम में सारे फेल
राजस्थान विश्वविद्यालय में एलएलएम पाठयक्रम की एक परीक्षा में बैठे सभी परीक्षार्थियों को फेल करने का मामला सामने आया है। वाकया जुडा है एलएलएम भाग-2 की कॉर्पोरेट बिजनेस एंड कॉन्ट्रेक्चुअल लॉ शाखा के चौथे प्रश्नपत्र से। जुलाई में हुई इस परीक्षा का परिणाम बुधवार को आया था।
मामला सामने आने के बाद प्रथमदृष्टया ही विश्वविद्यालय ने इस परीक्षा में पुनर्मूल्यांकन का निर्णय कर लिया है। परीक्षा नियंत्रक ने सारी अंकतालिकाएं अपने पास तलब कर ली हैं। इसमें बैठे छात्रों ने बुधवार को जैसे ही अपना परिणाम देखा तो वे चकरा गए।
इस बारे में उन्होंने गुरूवार को कुलपति प्रो.बी.एल.शर्मा से मुलाकात की। छात्रों का कहना है कि इस प्रश्नपत्र में कुल 20 छात्र थे, जिनमें से 19 ने परीक्षा दी थी। इसमें एक भी परीक्षार्थी उत्तीर्ण नहीं हुआ। अघिकांश छात्रों के एलएलएम भाग-1 में प्रथम श्रेणी प्राप्तांक थे, जबकि भाग-2 के अन्य पेपरों में भी उनके अच्छे प्राप्तांक हैं।
जेआरएफ पर संकट
इस परीक्षा में फेल हुए अभ्यर्थियों में दो छात्र जूनियर रिसर्च फेलोशिप भी प्राप्त कर चुके हैं। जबकि कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय की पीएचडी योग्यता परीक्षा भी उतीर्ण कर ली है। ऎसे में परिणाम बिगडने के कारण उन्हें पीएचडी से वंचित रहना पड सकता है। विश्वविद्यालय ने जेआरएफ को योग्यता परीक्षा से मुक्त कर सीधे पीएचडी में प्रवेश का प्रावधान किया है। एलएलएम में फेल होने पर उन्हें निकट भविष्य में प्रस्तावित प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
अंकतालिकाएं देखकर ही निर्णय
इस मामले में पुनर्मूल्यांकन का विकल्प छात्रों को दिया गया है। सोमवार को मैंने सभी छात्रों की अंकतालिकाएं मंगाई है। उन्हें देख कर ही आगे निर्णय किया जाएगा।पी.एल.रैगर, परीक्षा नियंत्रक, राजस्थान विश्वविद्यालय(राजस्थान पत्रिका,जयपुर,17.12.2010)

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालयः132 भर्तियों को मंज़ूरी
मानव संसाधन की कमी से जूझ रहे राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की परेशानी शीघ्र घटने वाली है। लम्बे समय बाद आखिर राज्य सरकार ने तकनीकी विश्वविद्यालय की सुध ली है। राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से विश्वविद्यालय को 66 अशैक्षणिक पदों की स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस बारे में तकनीकी शिक्षा विभाग से एक-दो दिन में आदेश आने की उम्मीद है। 66 पदों के अलावा 25 पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए भी वित्त विभाग ने स्वीकृत किए हैं। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिए विश्वविद्यालय जल्द ही काम शुरू कर देगा। 
यह है हालत
वर्तमान में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय मानव संसाधन के अभाव में कई परेशानियों से गुजर रहा है। यहां सिर्फ 25 अशैक्षणिक कर्मचारियों का स्टाफ है, जो परीक्षा विभाग और अकादमिक निदेशक कार्यालय में कार्यरत है। स्टाफ की कमी से रूटीन के कामकाज भी समय पर नहीं निपट रहे हैं। परीक्षाओं में सेमेस्टर स्कीम होने के कारण हर छह माह में परीक्षा की तैयारियां करनी होती है। इसके अलावा समय पर परिणामों की तैयारियों के लिए भी विश्वविद्यालय को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। एक अनुमान के मुताबिक विश्वविद्यालय में कम से कम 200 अशैक्षणिक कर्मचारी होने चाहिए ताकि विश्वविद्यालय की गतिविधियों को सुचारू चलाया जा सके।
इधर आस बरकरार
राज्य सरकार की ओर से बीकानेर विश्वविद्यालय और राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय को अशैक्षणिक पदों की स्वीकृति के बाद अब कोटा विश्वविद्यालय भी स्वीकृति के इंतजार में है। कोटा विश्वविद्यालय द्वारा भी विभिन्न स्तरों पर स्टाफ बढ़ाने की मांग उठाई जा चुकी है। राज्य सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव भी भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार की ओर से यहां भी 35 पद स्वीकृत करने की तैयारी चल रही है।
वित्त विभाग की ओर से पदों के स्वीकृति की जानकारी मिली है। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जल्द ही आने की उम्मीद है। पदों की स्वीकृति से विश्वविद्यालय को सम्बल मिलेगा और मानव संसाधन से कई समस्याएं दूर होंगी। 
- प्रो.आर.पी.यादव, कुलपति, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय(राजस्थान पत्रिका,कोटा,17.12.2010)

शिक्षक परीक्षा केन्द्रों में रहेगी छुट्टी
द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती की परीक्षा सुबह और दोपहर के दो सत्रों में 19 से 22 दिसम्बर तक होगी। इस दौरान तीन कार्य दिवस होंगे। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने परीक्षा केन्द्र बने स्कूलों में शैक्षिक अवकाश घोषित किया है।
संयुक्त निदेशक (प्रशासन) ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग के कार्यक्रम के अनुसार प्रथम सत्र की परीक्षा सुबह दस से बारह बजे और दूसरे सत्र की परीक्षा दोपहर दो से साढ़े चार बजे तक सभी संभाग एवं जिला मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी। ऎसे में आयोग द्वारा स्थापित परीक्षा केन्द्रों पर शैक्षिक अवकाश घोषित किया गया है। शेष विद्यालयों में नियमानुसार अध्ययन-अध्यापन का काम जारी रहेगा(राजस्थान पत्रिका,बीकानेर,17.12.2010)।

बिना मांगे भर दिए विकल्प पत्र 
अनुदानित शिक्षाकर्मियों को सरकार में समायोजित करने की प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई, न ही सरकार ने अब तक विकल्प पत्र मांगे हैं। इससे पहले ही अर्से से इंतजार कर रहे अनुदानित संस्थाओं के कई कार्मिकों ने वचनबंध पत्र को विकल्प पत्र समझकर शपथ पत्र के साथ जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में जमा कराना शुरू कर दिया है।
राज्य के करीब नौ हजार अनुदानित शिक्षाकर्मियों के सरकार में समायोजन की प्रक्रिया के तहत 29 नवम्बर को कार्मिक विभाग की वेबसाइट पर राजस्थान स्वेच्छा ग्रामीण शिक्षा सेवा नियम शीर्षक से गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इसके अनुसार नियमों के राजपत्र में प्रकाशन के पंद्रह दिन के भीतर 'प्रारूप-एक' में सूचनाएं भरकर नियुक्ति अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। इसके बजाय कार्मिकों ने 'प्रारूप-दो' जो कि वचनबंध पत्र है, को शपथ पत्र के साथ भरकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में दे दिया। कई जिलों में तो ऎसी होड़ मची कि कार्मिकों ने दस रूपए का स्टाम्प पेपर उपलब्ध नहीं होने पर सौ रूपए के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में जमा करा दिया।

वित्तीय भार की जानकारी मांगी
राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के प्रारम्भिक एवं माध्यमिक निदेशालयों को अनुदानित शिक्षाकर्मियों के लिए दिसम्बर माह तक का बजट दे दिया है। इसके साथ ही दोनों निदेशालयों से यह जानकारी मांगी जा रही है कि छठे वेतन आयोग के अनुरूप कार्मिकों को वेतन दिया जाए तो राज्य सरकार पर कितना भार पड़ेगा। इसकी गणना के बाद राज्य सरकार आगामी निर्णय करेगी।

कोई आदेश नहीं मिला है
'हमें विकल्प पत्र प्राप्त करने या प्रक्रिया सम्बन्धी अब तक कोई आदेश राज्य सरकार से नहीं मिला है।'
श्याम सुन्दर बिस्सा, निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा
कार्मिक धैर्य रखें
'विकल्प पत्र भरे जाने से पहले हम राज्य सरकार से छठे वेतन आयोग की मांग कर रहे हैं। इससे पहले कार्मिकों को संयम रखना चाहिए। जल्दबाजी में की गई कार्रवाई नुकसान पहुंचा सकती है।'
मदनमोहन रंगा, प्रदेश संरक्षक, राजस्थान अनुदानित शिक्षाकर्मी संघ(राजस्थान पत्रिका,बीकानेर,17.12.2010)

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