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13 दिसंबर 2010

दिल्लीःफिर कोर्ट जा सकता है नर्सरी एडमिशन विवाद

नर्सरी एडमिशन का मामला एक बार फिर से कोर्ट में पहुंच सकता है। दाखिले की प्रक्रिया पॉइंट सिस्टम पर आधारित होगी या फिर ड्रॉ स्कीम को लाया जाएगा, इसे लेकर दिल्ली सरकार बुरी तरह उलझ गई है। सरकार में ही इसे लेकर मतभेद सामने आए हैं। सरकार ने 1 जनवरी से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू करने की बात तो कही है लेकिन अभी तक दाखिले के नियमों का खुलासा नहीं किया गया है। उधर, पैरंट्स व स्कूल दोनों ही कोर्ट जाने की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। 2003 में नर्सरी एडमिशन का मामला कोर्ट में गया था।

ऑल इंडिया पैरंट्स असोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि राइट टु एजुकेशन एक्ट के मुताबिक, ड्रॉ सिस्टम से ही एडमिशन होने चाहिए और मौजूदा 100 पॉइंट फॉर्म्युले को खत्म किया जाना चाहिए। असोसिएशन के प्रेजिडेंट अशोक अग्रवाल का कहना है कि अगर सरकार ने इस नियम के खिलाफ जाकर पॉइंट सिस्टम को लागू किया तो इस मामले को कोर्ट में ले जाया जाएगा।

वह कहते हैं कि नर्सरी में एडमिशन के लिए सिर्फ ड्रॉ फॉर्म्युला ही होना चाहिए। वह सवाल उठाते हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित 25 फीसदी सीटों पर एडमिशन तो ड्रॉ से होगा और बाकी 75 फीसदी सीटों पर किस तरह से पॉइंट सिस्टम अपनाया जा सकता है।


एक स्कूल में एडमिशन के दो-दो नियम कैसे हो सकते हैं? इन सब मसलों को कोर्ट के सामने रखा जाएगा। उधर, स्कूलों का तर्क है कि उन्हें दाखिला प्रक्रिया के नियम बनाने की छूट होनी चाहिए और मौजूदा पॉइंट सिस्टम ही स्कूल के मुताबिक ठीक है। अगर इसके बदले ड्रॉ को लाया गया तो स्कूल भी कोर्ट में जा सकते हैं क्योंकि ड्रॉ सिस्टम से स्कूल को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। 

खास बात यह है कि बीते हफ्ते स्कूल अधिकारियों और मुख्यमंत्री की बैठक के बाद यह मामला और उलझ गया है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा था कि ड्रॉ सिस्टम से एडमिशन नहीं होने चाहिए जबकि शिक्षा मंत्री अरविंदर सिंह लवली ड्रॉ के पक्ष में है। ऐसे में सरकार नई गाइड लाइंस तय नहीं कर पा रही है। पिछले साल 15 दिसंबर से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी लेकिन इस बार यह मसला सुलझता नहीं दिख रहा है। 

गौरतलब है कि 2003 में नर्सरी एडमिशन का मसला कोर्ट में गया था। कई साल यह मामला चलता रहा और 2007 में गांगुली कमिटी की सिफारिशों पर सहमति बनी और 100 पॉइंट फॉर्म्युला तैयार किया गया लेकिन राइट टु एजुकेशन एक्ट लागू होने के बाद एक बार फिर नर्सरी एडमिशन का मसला कोर्ट में जा सकता है(नवभारत टाइम्स,दिल्ली,13.12.2010)। 

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