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13 दिसंबर 2010

छत्तीसगढ़ःडेढ़ लाख शिक्षाकर्मी कतार में और आठ हो गए नियमित

.पोराबाई की नकल के मामले से सुर्खियों में रहे शासकीय डीडीएस हायर सेकेंडरी स्कूल बिर्रा (जांजगीर) में एक और गड़बड़ी सामने आई है। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षाकर्मी नियमितीकरण के लिए लगातार आंदोलन कर रहे हैं,

ऐसे में नियमों को ताक पर रखकर इस स्कूल के आठ शिक्षाकर्मियों को न सिर्फ नियमित पदों पर फर्जी संविलियन किया गया, बल्कि दूसरे जिलों में ट्रांसफर, पोस्टिंग भी कर दी गई।

हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद शासन ने जांच कराई और फिर गड़बड़ियां परत-दर-परत खुलती चली गई। वर्तमान में ये सभी शिक्षाकर्मी बिलासपुर व जांजगीर-चांपा जिले में एलडीटी, यूडीटी, लेक्चरर से लेकर एचएम के पद पर बने हुए हैं और पद के अनुरूप वर्षो से मोटी तनख्वाह भी ले रहे हैं।

जांजगीर जिले के अशासकीय अनुदान प्राप्त दीवान दुर्गेश्वर सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा को मध्यप्रदेश सरकार ने 31 अक्टूबर 2000 को शासन के अधीन किया।

बिर्रा स्कूल को शासकीय मानते हुए नया सेटअप जारी किया गया और पात्रता के आधार पर यहां के कर्मचारियों को शासकीय सेवा में लेने के आदेश दिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश ने प्राचार्य और प्रधान पाठक को नियमित कर्मचारी के रूप में शामिल किया, जबकि व्याख्याता के रूप में कार्यरत शिक्षकों को शिक्षाकर्मी वर्ग-1 माना।


इसी तरह कार्यरत शिक्षकों को शिक्षाकर्मी वर्ग-2, सहायक शिक्षक विज्ञान को शिक्षाकर्मी वर्ग-3 माना गया। शासनाधीन होने के समय यहां के 12 कर्मचारियों को इसी आदेश के तहत विभिन्न पदों पर शासकीय सेवक माना गया। समय के साथ ही बिर्रा स्कूल में कर्मचारियों की संख्या बढ़ी और 18 कर्मचारी शिक्षाकर्मी के रूप में नियमित हो गए। 

यहां तक तो सब ठीक रहा, लेकिन वर्ष 2004-05 से गड़बड़ी शुरू हो गई। शिक्षाकर्मियों ने ने अधिकारियों से सांठ-गांठकर अपनी पदस्थापना नियमित पदों पर करानी शुरू कर दी। शासन के नियमों को ताक पर रखकर आधा दर्जन शिक्षाकर्मियों को नियमित भी कर दिया गया और वर्ष 2007 से इन्हें नियमित पदों के अनुरूप वेतन दिया जाने लगा।

शासन के नियमों की खिल्ली उस वक्त उड़ी जब बिर्रा स्कूल के शिक्षाकर्मियों का स्थानांतरण नियमित पदों पर जिले से बाहर होने लगा। इनमें से एक वीके वैष्णव बिलासपुर के पीजीबीटी कालेज में संगीत शिक्षक हैं। इनकी पत्नी वीणा वैष्णव गवर्नमेंट स्कूल बिल्हा में व्यायाम शिक्षक हैं। जांजगीर जिले में ऐसे आधा दर्जन शिक्षाकर्मी लेक्चरर, हेडमास्टर से लेकर लेखापाल के पद पर पदस्थ हैं। 

नियमित हुए शिक्षाकर्मी
महेंद्रधर दीवान शिक्षाकर्मी वर्ग-1 से व्याख्याता के पद पर हायर सेकेंडरी स्कूल जर्वे में पदस्थ। अपरा मिश्रा शिक्षाकर्मी वर्ग-2 से हेडमास्टर के पद पर मिडिल सदर स्कूल चांपा में पदस्थ। वीके वैष्णव- शिक्षाकर्मी वर्ग-2 से पीजीबीटी बिलासपुर में संगीत शिक्षक के पद पर पदस्थ। 

एचजी गोस्वामी शिक्षाकर्मी वर्ग-2 से यूडीटी के पद पर बिर्रा में पदस्थ। वीणा वैष्णव- पीटीआई बिर्रा से गवर्नमेंट स्कूल बिल्हा में नियमित पीटीआई के पद पर पदस्थ। आरके शर्मा- शिक्षाकर्मी वर्ग-3 से यूडीटी के पद पर बिर्रा में पदस्थ। मनहरण लाल थवाइत- गणक से डीईओ जांजगीर में लेखापाल के पद पर पदस्थ। एचजी गोस्वामी- शिक्षाकर्मी वर्ग-2 से बिर्रा में यूडीटी के पद पर पदस्थ(संजीव पांडेय,दैनिक भास्कर,बिलासपुर,13.12.2010)।

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