एनसीईआरटी का केन्द्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (विभाग) शिक्षकों को अपडेट रखने के लिए अब एसएमएस की मदद लेगा। शिक्षकों के लिए खासतौर पर ऐसे संदेश तैयार किए जा रहे हैं, जिसके जरिए वह छात्रों को व अन्य शिक्षकों को भी नई-नई जानकारियों से अवगत करा सकेंगे।
एनसीईआरटी के केन्द्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (विभाग) के अधिकारियों की मानें तो इस योजना के तहत खासतौर पर छोटे-छोटे टुकड़ों में शिक्षा से संबंधित व विभिन्न विषयों से संबंधित सामग्री शिक्षकों को भेजी जाएगी।
इस योजना की सफलता का एक अहम कारण है कि संस्थान के पास एसएमएस-1 व डाटा-1 के नाम से सब्सक्रिप्शन है, जिसके जरिए काफी कम कीमत पर पढ़ाई से संबंधित संदेश भिजवाए जा सकते हैं।
अधिकारियों की मानें तो इस योजना की सफलता का दूसरा कारण है, देशभर से शिक्षकों का काफी संख्या में वर्ष भर विभिन्न प्रकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए एनसीईआरटी आना। इन प्रोग्राम के जरिए संस्थान के पास शिक्षकों के ई-मेल आईडी से लेकर फोन नंबरों तक का विशाल भंडार उपलब्ध है।
इन्हीं मोबाइल नम्बरों के जरिये शैक्षिक संदेश समय-समय पर देशभर के हजारों शिक्षकों तक पलभर में भिजवाए जा सकते हैं।
एनसीईआरटी का मानना है कि आज मोबाइल हर आम और खास की पहुंच में है। इसीलिए अब एसएमएस के जरिए पढ़ाई की तरकीब खोजी गई है। एसएमएस से पढ़ाई की प्रायोगिक शुरुआत शिक्षा दिवस के अवसर पर की जा चुकी है।
इस मौके पर मौलाना आजाद से संबंधित जानकारी देशभर के शिक्षकों को भेजी गई। अब इस योजना के विकास के लिए शैक्षणिक सामग्री को एसएमएस का रूप दिया जा रहा है। इसके लिए संस्थान के पास उपलब्ध ऑडियो-वीडियो शैक्षिक सामग्री के भंडार का इस्तेमाल किया जा रहा है(शैलेन्द्र सिंह,दैनिक भास्कर,दिल्ली,13.12.2010)।
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