.मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय ने सत्रांत परीक्षा से ठीक दो माह पूर्व ही पाठच्यक्रम में फेरबदल कर दिया। यहां तक की इस फेरबदल की जानकारी विद्यार्थियों को देना भी मुनासिब नहीं समझा।
विद्यार्थियों को अनजान रखते हुए 15 जनवरी के आस पास आदेश भी सभी कॉलेजों मंे भेज दिए।दूसरी ओर विश्वविद्यालय द्वारा इस तरह से गुपचुप तरीके से बदले पाठ्यक्रम को लेकर आक्रोशित छात्रों ने कुलपति के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा है।
दरअसल जनवरी के अंतिम सप्ताह में कॉलेज स्तर पर प्रायोगिक परीक्षाएं प्रारंभ हो जाती है तथा इस परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षाएं प्रारंभ हो जाती है। अब ऐन वक्त बदले पाठच्यक्रमों से छात्रों की परीक्षा तैयारी पर असर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
कॉलेजों मंे मचा हड़कंप :
विश्वविद्यालय द्वारा भेजे गए कोर्स में तब्दिली के आदेश से विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय स्तर पर हड़कंप मच गया है। कॉलेज प्रशासन के सामने यह संकट है कि बदलाव किए पाठ्यक्रम को पूर्ण किस रूप से कराया जाए। जबकि विद्यार्थियों को इस बात की चिंता जता रही है कि बदले हुए पाठच्यक्रम की तैयारी वह किस प्रकार से कर पाएंगे।
नए सत्र में लागू हो :
कॉलेज के छात्रों ने कुलपति के नाम भेजे गए ज्ञापन में मांग की है कि नए पाठच्यक्रम को नए सत्र में लागू किया जाए। ताकि इसके लिए अलग से तैयारी नहीं करनी पड़े।
कहां क्या बदला
एमएससी गणित के तीनों ही पेपर की मार्किंग स्कीम बदल दी है। पांचों यूनिट में से यूनिट 4 व 5 पूर्णरूप से हटा दी है। गणित पार्ट द्वितीय में यूनिट 3 व 4 में 50 प्रतिशत सिलेबस बदल दिया है। छात्रों की परेशानी यह होगी कि उन्हे नई पुस्तकों का सहारा लेना पड़ेगा।
गणित पार्ट तृतीय में यूनिट 4 को शत प्रतिशत बदल दिया है। नए कोर्स में ज्योमेट्री भी जोड़ दी गई है। यूनिट 3 व 4 को हटाकर उसमें से आधा आधा हिस्सा लेकर नई यूनिट बना दी है।
"हमने इतना बड़ा कोई बदलाव नहीं किया है। जैसा बच्चे समझ रहे है। विशेष कर विज्ञान वर्ग में थोड़ा सा ही बदलाव किया है। इस तरह का निर्णय हुआ था। इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है।"
प्रो. आई.वी. त्रिवेदी, कुलपति, मोलासुविवि, उदयपुर(दैनिक भास्कर,बांसवाड़ा,22.1.11)
मुख्य समाचारः
22 जनवरी 2011
सुखाड़िया विवि ने गुपचुप बदल दिया कोर्स
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