ज़िले के सरिया प्रखंड की परसिया पंचायत अन्तर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय लोआवार में अध्ययनरत लगभग दो सौ बच्चों का भविष्य दो पारा शिक्षक गढ़ रहे हैं। इसमें भी प्रधान पारा शिक्षक का अधिकांश समय या तो विभागीय दौड़ धूप में बीत जाता है या फिर रजिस्टर संधारण करने में व्यस्त रहते हैं। फलत: बच्चों का भविष्य गर्त में जा रहा है।
बताया जाता है कि विभागीय बाबुओं से तालमेल बैठा कर वहां पदस्थापित सरकारी शिक्षक जोधी पंडित ने अपना स्थानांतरण अपने निवास के करीब अंबाडीह विद्यालय में करा लिया। वहीं दो पारा शिक्षक क्रमश: गायत्री कुमारी एवं आलोक कुमार ने त्याग पत्र दे दिया। नतीजतन स्कूल का कार्यभार प्रधान पारा शिक्षक डेगलाल साव और पारा शिक्षक फणिभूषण सिंह पर छोड़ दिया गया। हालांकि शिक्षकों की कमी की ओर प्रधान पारा शिक्षक ने कई बार विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया, लेकिन विभाग की कुंभकर्णी नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। वर्ष बीत गया पर शिक्षक की प्रतिनियुक्ति नहीं हुई। आखिर होगी भी कैसे जिस प्रखंड में बीईईओ ही नहीं हो तो कौन संभालेगा शिक्षा व्यवस्था को। यहां दो वर्ष से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी गायब हैं और विभाग ने तीसरी के बीईईओ को प्रभार सौंपा है।
इस संबंध में अभिभावकों का कहना है कि विभागीय लापरवाही से बच्चों का भविष्य बिगाड़ रहा है। यदि सुधार नहीं हुआ तो जनता अधिकारियों को सबक सिखायेगी। बहरहाल अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है(दैनिक जागरण,सरिया,22.1.11)।
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