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04 फ़रवरी 2011

डीयू में ई-लर्निग से भी होगी पढ़ाई

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के नए सत्र में पढ़ाई ऑनलाइन होगी। विद्यार्थी का कोई लेक्चर छूट भी गया है तो वह उस लेक्चर को विवि के पोर्टल पर पढ़ सकेगा। इसके लिए कॉलेजों में ई-बोर्ड उपयोग में लाए जाएंगे। ये बातें डीयू के कुलपति प्रो. दिनेश सिंह ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताई। उन्होंने कहा कि डीयू के शैक्षणिक सुधार की दिशा में यह विशिष्ट योजना है। नार्थ और साउथ कैंपस के विद्यार्थियों के लिए दो पोर्टल भी बनाए गए हैं। कैंपस व कॉलेजों में स्टूडियो का निर्माण चल रहा है। छात्रों से ई-लर्निग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रो. सिंह ने बताया कि वैश्वीकरण के दौर में ई-लर्निग सिस्टम से छात्रों का बहुमुखी विकास हो सकेगा। योजना में हिंदी भाषी छात्रों को अंग्रेजी भाषा में सशक्त करने की व्यवस्था है। नार्थ कैंपस स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ लांग लर्निग (आइएलएलएल) द्वारा यह बहुउद्देशीय योजना संचालित होगी। डीयू के करीब नौ हजार प्राध्यापक इस योजना में शामिल हैं। प्राध्यापकों का नॉलेज बैंक छात्रों को दक्षता प्रदान करने में विशेष योगदान देगा। योजना के तहत नॉर्थ और साउथ कैंपस में दो स्टूडियो बनाए जा रहे हैं। दोनों कैंपस से 10-10 कॉलेजों का चयन किया जा रहा है जिनमें ई-लेक्चरिंग के लिए स्टूडियो बनाए जाएंगे। कैंपस से बाहर के कॉलेजों को भी ई-लर्निग से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत सभी कॉलेजों को 80-80 कंप्यूटर भेजे गए हैं। कॉलेजों को वाईफाई हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी मुहैया कराई जा रही है। योजना का करीब 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। नया सत्र जुलाई 2011 में शुरू होगा। उससे पहले ही बाकी का काम पूरा कर लिया जाएगा। कुलपति ने यह भी बताया कि डीयू के पाठ्यक्रमों में दाखिला साउथ एशिया और पैन-अफ्रीकी देशों के छात्र भी चाहते हैं। नए सत्र में ई-लर्निग शुरू होने से उन छात्रों को हम डीयू के साथ जोड़ सकेंगे। ऐसा होने से दोहरा फायदा होगा। विदेशी छात्रों से कोर्स फीस के रूप में मिलने वाले धन को ई-लर्निग सिस्टम और डीयू छात्रों की कौशल दक्षता पर खर्च किया जाएगा(दैनिक जागरण,दिल्ली,4.2.11)।

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