नौवीं एवं 10वीं कक्षा के छात्रों में परीक्षा के तनाव को दूर करने के इरादे से शुरू किए गए सतत समग्र मूल्यांकन (सीसीई) के अंतर्गत विद्यार्थियों को एक प्रमाणपत्र दिया जाएगा जिसमें उनके सोचने की क्षमता, सामाजिक एवं भावनात्मक दक्षता, शिक्षकों और सहपाठियों से आचार व्यवहार के साथ पर्यावरण, नैतिक मूल्यों, पाठ्येत्तर गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि और क्षमता का उल्लेख होगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के एक अधिकारी ने बताया कि प्रमाणपत्र में शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा में बच्चों की अभिरूचि एवं प्रदर्शन का उल्लेख होगा। इसमें खो-खो जैसे स्थानीय खेलों, स्काउट-गाइड, तैराकी, जिम्नास्टिक, योग, बागबानी, श्रमदान जैसे क्षेत्रों में छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख होगा। इसके अलावा वाद विवाद प्रतियोगिता, रचनात्मक लेखन, निबंध, पोस्टर निर्माण, नारे लिखना, विज्ञान एवं गणित क्लब तथा क्विज, ओलंपियाड, संगीत, नाटक, चित्रकला, कठपुतली, आपदा प्रबंधन जैसी गतिविधियों में छात्रों की क्षमता को आंका जायेगा।
इन पाठ्येत्तर गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर छात्रों के ग्रेड में सुधार हो सकता है। छात्रों की समझ बूझ की क्षमता, सामाजिक एवं भावनात्मक दक्षता के साथ अन्य पाठ्येत्तर गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करने पर 30 से 42 पर्सेन्टाइल अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के दो विषयों में तथा 17 से 29 पर्सेन्टाइल प्राप्त करने वाले छात्रों केे एक विषय में ग्रेड उन्नत किए जा सकते हैं।
10वीं बोर्ड को वैकल्पिक बनाने के बाद अंक आधारित परीक्षा के स्थान पर ग्रेड प्रणाली को पेश किया गया है, जो नौ प्वाइंट पर आधारित है । इसके तहत 91-100 पर्सेन्टाइल प्राप्त करने वालों को ए1 ग्रेड, 81 से 90 पर्सेटाइल प्राप्त करने वालों को ए 2 ग्रेड, 71 से 80 को बी 1 ग्रेड, 61 से 70 को बी 2 ग्रेड, 51 से 60 को सी 1 ग्रेड, 41 से 50 को सी 2 ग्रेड, 33 से 40 को डी ग्रेड, 21 से 32 को ई 1 ग्रेड तथा 20 से कम पर्सेटाइल प्राप्त करने वाले छात्रों को ई 2 ग्रेड दिये जाएंगे।
छात्रों को परीक्षा में कम से कम डी ग्रेड अर्थात 33 से 40 पर्सेटाइल हासिल करना होगा। सीबीएसई के तहत 9वीं एवं 10वीं के छात्रों की दूसरी समेटिव जांच परीक्षा मार्च में ली जाएगी। कागज एवं कलम पर आधारित यह परीक्षा स्कूल की ओर से ली जायेगी और इसका मूल्यांकन स्कूल ही करेंगे।
स्कूलों द्वारा नौवीं कक्षा की दूसरी समेटिव परीक्षा मार्च के पूर्वार्द्ध में तथा 10 वीं कक्षा की समेटिव परीक्षा मार्च के दूसरे उत्तरार्द्ध में ली जाएगी।
स्कूलों से कहा गया है कि वह किसी भी स्थिति में नौवीं और दसवीं की समेटिव परीक्षा की उत्तर पुस्तिका बोर्ड को नहीं भेजें या छात्रों को अंक नहीं बताएं। उन्हें नौवीं की उत्तर पुस्तिका को कम से कम तीन वर्ष और 10 वीं की उत्तर पुस्तिका को कम से कम दो वर्ष सुरक्षित रखने को कहा गया है(नवभारत टाइम्स,मुंबई,4.2.11)।
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