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03 फ़रवरी 2011

देहरादूनःमैरीन कालेज के निदेशक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा

समुद्री जहाज पर नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने वाले एक फर्जी मैरिन कालेज के एक मालिक के खिलाफ ठगे गए बेरोजगार ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। युवकों का आरोप है कि हजारों रुपये शिप पर नौकरी दिलाने लिया गया। जब वे शिप पर पहुंचे तो वहां उन्हें नौकरी पर लेने के बाबत किसी प्रकार का कोई कांट्रेक्ट नहीं होने की बात कही गई। उधर डीएम के आदेश पर पूर्व से ही कालेज बंद चल रहा है। बताया जाता है कि इंस्टीट्यूट का रजिस्ट्रेशन ही फर्जी है।


मामला कैंट थाने से जुड़ा है। अनिल तड़ियाल का आरोप है कि उससे मैरिन कालेज के डायरेक्टर ने शिप पर नौकरी दिलाने के नाम पर ६० हजार रुपये लिए थे। रुपये देने के बाद उसे मुम्बई एक नामी शिप पर भेजा गया। वहां संबंधित शिप पर संपर्क किया गया तो उसके प्रबंधन से जानकारी मिली कि उनके और उस इंस्टीट्यूट के बीच कोई करार नहीं हुआ है। इस बात की शिकायत कालेज के डायरेक्टर से की गई। इस पर कालेज के डायरेक्टर ने एक छोटे से शिप पर रखवा दिया। वहां उसे जानकारी मिली कि संबंधित शिप पर काम करने के लिए किसी प्रकार का डोनेशन नहीं देना पड़ता है। इस बात की भनक लगते ही तड़ियाल वापस देहरादून आ गया। उसने कैंट पुलिस से लिखित शिकायत की। एएसपी बरिंदरजीत सिंह ने संबंधित मामले की जांच की। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कालेज के डायरेक्टर सुरेश दुबे, पीए गौरव त्रिपाठी और रमेश दुबे के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है।

इंस्टीट्यूट का रजिस्ट्रेशन फर्जी
मैरीन कालेज का विवादों में घिरा है। एएसपी बरिंदर जीत सिंह ने बताया कि पूर्व में डीएम के आदेश पर एसडीएम ने जांच की थी। जांच में तथ्य सामने आए हैं कि मैरिन कालेज के रजिस्ट्रेशन के लिए डरजी शिपिंग से अनुमति ली जाती है। लेकिन संबंधित इंस्टीट्यूट के पास इस प्रकार की कोई अनुमति नहीं है। उधर इंस्टीट्यूट की ओर से सी मैरिन कलकता से संबद्ध होने का दावा किया जाता है। पर सी मैरिन कलकत्ता बगैर डीजी शिपिंग की अनुमति के संबद्ध नहीं करता है(अमर उजाला,देहरादून,3.2.11)।

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