ब्रिटेन जाकर शिक्षा ग्रहण करने का सपना संजोए भारतीयों को अपनी अंग्रेजी ज्ञान बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने कहा है कि यहा आने वाले प्रवासियों खासकर भारतीय उप-महाद्वीप के लोगों को उचित मानक की अंग्रेजी का ज्ञान होना आवश्यक है। इसके लिए नियम और सख्त बनाए जाएंगे।
कैमरून ने ब्रिटेन की संसद हाउस ऑफ कॉमंस में कहा, 'यहां रहने वाले प्रवासी परिवारों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अंग्रेजी सिखानी होगी। हम नियमों को सख्त बनाएंगे ताकि ब्रिटेन आने वाले प्रवासियों के पास उचित मानक की अंग्रेजी की जानकारी हो।'
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में प्रत्येक छह में से एक बच्चे को प्राथमिक भाषा के तौर पर अंग्रेजी बोलना नहीं आता। कैमरून ने कहा कि अगर प्रवासियों को अंग्रेजी की अच्छी जानकारी होगी तो उनके बच्चों के यहां सफल होने की संभावना बढ़ जाएगी।
कैमरून इस मुद्दे पर यॉर्कशायर के सांसद क्रिस हॉपकिंस से बात कर रहे थे। हापकिंस ने उन्हें बताया कि स्कूल में दाखिला लेने वाले अधिकांश बच्चों को अंग्रेजी बोलनी नहीं आती। गौरतलब है कि ब्रिटेन में पिछली सरकार ने भी प्रवासियों के ब्रिटेन में आने से पहले अंग्रेजी के टेस्ट को अनिवार्य किया था(जागरण डॉटकॉम,3.2.11 में लंदन की रिपोर्ट)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।