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17 अप्रैल 2011

दिल्लीःऔर भ्रष्ट हुए हैं सरकारी कर्मचारी

दिल्ली सरकार के प्रशासनिक विभाग में दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड, बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिलने का सिलसिला बढ़ा है। ये शिकायतें न केवल रजिस्ट्री पोस्ट व यूपीएस द्वारा भेजी जा रही है, बल्कि लोग सचिवालय में सीधे शिकायत भी दे रहे हैं। इसके अलावा जन शिकायत प्रकोष्ठ की ऑनलाइन सेवा पर भी शिकायतों की भरमार है। इन शिकायतों पर सतर्कता विभाग व भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा कार्रवाई की जाती है। दोनों विभागों में करीब सौ अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से कुछ प्रति नियुक्ति ( डेपुटेशन) के आधार पर विभागों में कार्य कर रहे हैं। इस वर्ष तीन महीने में ही दिल्ली सरकार के प्रशासनिक विभाग को अलग-अलग विभागों की 1000 से ज्यादा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की शिकायतें मिली है। साल 2010 में 2671 शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों को दिल्ली जन शिकायत आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों को भेजा जाता है। इनमें से दो हजार से ज्यादा शिकायतें विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के पास लंबित पड़ी है। इनमें अधिकांश शिकायतें दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली पुलिस, बिजली विभाग, दिल्ली नगर निगम की हैं। मुख्य सचिव पीके त्रिपाठी बताते हैं कि विभागों में जो शिकायतें मिल रही है उनमें समय पर काम न होने को लेकर ज्यादा है। इस तरफ गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि शिकायतों को संबंधित विभागों को निवारण के लिए भेजा भी गया, लेकिन कार्रवाई करने की बजाय संबंधित अधिकारी उन्हें दबाकर बैठ गए(अरुण कुमार राघव,दैनिक जागरण,दिल्ली,17.4.11)।

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