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18 अप्रैल 2011

राजस्थानःशिक्षकों का एरियर अटका

सेवा नियमों में संशोधन पर हो रहे विलम्ब के चलते कॉलेज शिक्षकों को छठे वेतनमान के पेटे दी जाने वाली 40 प्रतिशत एरियर की राशि भी अटक कर रह गई है। यह राशि वित्तीय वष्ाü 2010-11 में ही दी जानी थी, लेकिन नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बाद भी शिक्षक इसकी बाट ही जोह रहे हैं।

दरअसल, जनवरी 2006 से छठा वेतनमान लागू करते वक्त राज्य सरकार ने शिक्षकों को 60 प्रतिशत एरियर तो वर्ष 2009-10 में दे दिया था। शेष एरियर राशि देने से पहले उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राजस्थान शिक्षा सेवा (कॉलेज) 1986 के नियमों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा निर्देशों के अनुसार संशोधन की शर्त लगा दी थी। सरकार की ओर से 12 अक्टूबर 2009 के आदेशों में संशोधन की शर्त पूरी होने पर वित्तीय वर्ष 2010-11 में शेष एरियर की राशि देने की बात कही गई थी। सचिवालय स्तर पर नियमों में संशोधन के लिए विभाग अब तक नए नियम नहीं बना पाया है।

बदलने हैं पदनाम
यूजीसी निर्देशों के अनुसार सेवा नियमों में संशोधन के तहत कॉलेज शिक्षकों को भी विश्वविद्यालय शिक्षकों के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर जैसे पदनाम दिए जाने हैं। इसके अलावा करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नतियों की नई प्रक्रिया लागू करनी है। इस प्रक्रिया में 'एकेडमिक पर्फोमेन्स इंडीकेटर' लागू करने की योजना भी शामिल है, जिसमें शिक्षकों द्वारा पदोन्नति के लिए अपने प्रदर्शन के आधार पर अंक जुटाने का प्रावधान है।
संगठन ने सरकार से जल्द ही शेष एरियर राशि जारी करने की मांग की है। 60 प्रतिशत देते वक्त अगले वित्तीय वर्ष में ही इस राशि का प्रावधान था।
डॉ.विक्रम सिंह गुर्जर, प्रवक्ता राजस्थान विवि.-महाविद्यालय शिक्षक संघ (रूक्टा)(राजस्थान पत्रिका,जयपुर,18.4.11)

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