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07 जून 2011

छत्तीसगढ़ में दो से अधिक संतान वालों को सरकारी नौकरी नहीं!

छत्तीसगढ़ में अब दो से अधिक संतान वालों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, १९६१ में संशोधन किया है। इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। पूर्व में तीन से अधिक संतान वालों को सरकारी सेवा या पद पर नियुक्ति की पात्रता नहीं थी।


सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने संशोधित नियम लागू किया है। इस आदेश का असर आने दिनों में बड़े पैमाने पर होने वाली भर्ती पर देखने को मिल सकता है। उन लोगों को ज्यादा परेशानी है, जो पहले से नौकरी में हैं और अब नई भर्ती के लिए आवेदन देंगे। ऐसे लोगों में ज्यादातर विवाहित होते हैं। साथ ही महिला वर्ग को ४३ वर्ष की उम्र तक नौकरी की पात्रता है। इन महिलाओं पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। सरकार ने सभी शासकीय सेवाओं में इसे लागू कर दिया है। 

राज्य शासन के विभिन्न कार्यालयों व विभागों में सैकड़ों पद रिक्त हैं, जहां नई नियुक्तियां हो रही हैं। विभागों व कार्यालयों में रिक्त पदों के लिए विज्ञापन जारी होने पर एक-एक पद के लिए सैकड़ों आवेदन प्राप्त होते हैं। 

पंचायत में नहीं चला हुक्म : मालूम हो कि प्रदेश में त्रि-स्तरीय पंचायत में दो से अधिक संतान वाले उम्मीदववार को चुनाव लड़ने की पात्रता नहीं थी। पद में रहते हुए दो से अधिक संतान होने पर भी उसे पद से हाथ धोना पड़ता था। बाद में इसे लेकर काफी विवाद हुआ और पंचायत प्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति की थी। फिर सरकार ने अपना आदेश वापस लेकर इससे छूट प्रदान कर दी(नई दुनिया,रायपुर,7.6.11)।

उधर,दैनिक भास्कर ने खबर दी है कि एक संतान के बाद जुड़वा बच्चे पैदा होने पर भी नौकरी के लिए पात्र होंगेः
राज्य शासन ने छत्तीसग़ढ सिविल सेवा नियम 1991 के उपनियम 6 में संशोधन किया है। इसके अनुसार कोई भी उम्मीदवार, जिसकी पहले से एक जीवित संतान है और आगामी प्रसव 26 जनवरी 2001 को या उसके बाद होने वाले प्रसव में, दो या दो से अधिक संतान का जन्म होता है, तो उम्मीदवार किसी सेवा या पद पर नियुक्ति के लिए अपात्र नहीं होगा। 

शासन ने नियमों में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। उक्त नियम में पूर्व में यह प्रावधान था कि जिसकी दो से अधिक संतान हैं, जिनमें से एक का जन्म 26 जनवरी 2001 को या उसके पश्चात हुआ है, तो उम्मीदवार को किसी भी सेवा पर नियुक्ति के लिए अपात्र माना गया था। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में यहां मंत्रालय से अधिसूचना जारी कर दी गई है।

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