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07 जून 2011

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालयःऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया पहले ही दिन फेल

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया ने सोमवार को पहले दिन ही दम तोड़ दिया। दोपहर 1 बजे तक ऑनलाइन एडमिशन वाली साइट ही नहीं खुली। इस पर छात्रनेता एकत्र होकर कुलपति प्रो. नवीन माथुर के घर पहुंच गए। आखिरकार कुलपति को ऑनलाइन एडमिशन का निर्णय बदलना पड़ा। मंगलवार को विवि के सभी संकायों में एडमिशन फॉर्म मिलने शुरू हो जाएंगे।

जेएनवीयू प्रशासन ने इस वर्ष से ऑनलाइन एडमिशन शुरू करने के लिए मुंबई की निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी थी। पहले प्रवेश प्रक्रिया 3 जून से शुरू होने वाली थी, लेकिन इस निजी कंपनी की ओर से दो तीन दिन का समय मांगे जाने पर विश्वविद्यालय ने प्रवेश तिथि में बदलाव किया।


सोमवार को नए आदेश के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू होनी थी लेकिन जेएनवीयू व ग्लोडइन कंपनी की संयुक्त साइट खुल ही नहीं पाई। दोपहर 1 बजे तक जब साइट नहीं खुली तो वाणिज्य संकाय के उपाध्यक्ष नरेंद्रसिंह अरटिया, सायंकालीन अध्ययन संस्थान के उपाध्यक्ष भवानी सिंह मेड़तिया व छात्रनेता प्रदीप खींवसर के नेतृत्व में छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे। उन्होंने कुलपति से ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया बंद कर पुरानी व्यवस्था को बहाल रखने का आग्रह किया। कुलपति ने उनकी बात को स्वीकार करते हुए एडमिशन प्रक्रिया पिछले वर्ष की भांति ही शुरू करने के निर्देश दिए। अब मंगलवार को सभी संकायों में फॉर्म मिलना आरंभ हो जाएंगे।
फार्म जमा करवाने की तिथियां बदली
जेएनवीयू में प्रवेश फार्म जमा करवाने की अंतिम तिथियां बदल गई हैं। अब फॉर्म जमा करवाने की अंतिम तिथि 16 जून होगी। वहीं 100 रुपए विलंब शुल्क के साथ 23 जून तक फॉर्म जमा करवाए जा सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत शहर में बैंक ऑफ बड़ौदा की किसी भी ब्रांच में फीस जमा हो सकेगी। दो अन्य बैंकों में भी फीस जमा करवाने के बारे में मंथन चल रहा है।

महासचिव ने उठाई मांग
ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के लिए तैयार की गई वेबसाइट में जेएनवीयू के साथ एक निजी कंपनी के नाम को हटाने की मांग को लेकर छात्रसंघ महासचिव कुश गहलोत, छात्रनेता पुनीत जांगू, भाकरराम विश्नोई व भागीरथ जाखड़ कुलपति से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस कंपनी का नाम वेबसाइट से अलग करने की मांग की। बाद में उन्होंने भी ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया को बंद करने की मांग की(दैनिक भास्कर,जोधपुर,7.6.11)। 

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