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05 जून 2012

हरियाणाःप्राइवेट स्कूलों की निकाली सरकारी स्कूलों ने हवा

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने सीनियर सेकंडरी का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। बोर्ड के मुताबिक 67.82 रेगुलर व 59.70 प्राइवेट परीक्षार्थी पास हुए हैं। लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों के मुकाबले 17 फीसदी ज्यादा है। 

इतना ही नहीं, हर जिले में लड़कियों ने लड़कों को मात दी है। इस बार खास बात यह रही कि सरकारी स्कूलों ने परिणाम के मामले में निजी स्कूलों का पछाड़ दिया है। सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम निजी स्कूलों की अपेक्षा 4 फीसदी ज्यादा रहा। राजकीय स्कूलों की पास प्रतिशतता 69.60, प्राइवेट स्कूलों की पास प्रतिशतता 65.21 रही। ग्रामीण क्षेत्र का परिणाम भी शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा रहा। शहरी 65.18 और ग्रामीण 70.97 फीसदी पास हुए। 

अर्थ का शास्त्र नहीं पड़ा पल्ले 
अर्थशास्त्र विषय में प्रदेश के बच्चे सभी विषयों के मुकाबले कमजोर साबित हुए। इस विषय में 73.52 फीसदी बच्चे पास हुए। बायोलॉजी विषय में 76.89, फिजिक्स में 78.77, गणित में 80.75 व केमेस्ट्री में 83.88 फीसदी पास हुए। हालांकि इंग्लिश (स्पेशल) व हिंदी (ऐच्छिक) का परिणाम सौ फीसदी रहा। इसके साथ ही इस साल का परिणाम पिछले साल के मुकाबले 5 फीसदी कम रहा। 

ऐसे जानें परिणाम 
परिणाम जानने के लिए बीएसएनएल मोबाइल से एचआर12 स्पेस देकर रोल नंबर लिखकर उसे 56666 पर भेज दें। इसके अलावा बोर्ड की हेल्पलाइन सेवा 01664-254000 पर सुबह सात बजे से उपलब्ध हो सकेगा। वेबसाइट http://hbse.nic.in, http://hbse.nic.in, www.indiaresults.com, www.examresults.net पर भी सुबह 9 बजे से रिजल्ट देखे जा सकते हैं। 

सोनीपत सबसे आगे, यमुनानगर सबसे पीछे 
 परिणाम के मामले में सोनीपत 79.53 फीसदी परिणाम के साथ सबसे ऊपर व यमुनानगर 59.41 फीसदी परिणाम के साथ सूची में सबसे नीचे रहा। शिक्षा मंत्री का गृह जिला झज्जर दूसरे व मुख्यमंत्री का जिला रोहतक चौथे स्थान पर रहा। 

मौका 31 जुलाई तक 
रि-अपीयर के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 जून है। विलंब शुल्क के साथ 31 जुलाई तक आवेदन जमा कराए जा सकेंगे। 

कृषि में कम, फिर भी दम 
134 ने कृषि विषय का पेपर दिया था। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान प्रदेश में हालांकि यह संख्या कम है, फिर भी अच्छी बात यह रही कि सभी परीक्षार्थी इसमें पास हो गए। 

एक्सपर्ट व्यू : इसलिए अर्थ में पिछड़े 
बच्चे इस विषय को अच्छी तरह समझने की कोशिश ही नहीं करते। अर्थशास्त्र एक साइंटिफिक विषय है। बच्चों को इसे रट्टाफिकेशन की बजाय समझना चाहिए। शिक्षकों को भी समय समय पर ओरियंटेशन कोर्स कराए चाहिए, ताकि वो भी अपडेट रहे। इस विषय में रोजगार की काफी संभावनाएं है। -डॉ. कर्ण सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय, भिवानी(दैनिक भास्कर,भिवानी,5.6.12)

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