उत्तरप्रदेश में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं को सोने के लिए लकड़ी के तखत के बजाए अब रेलवे के टीयर सिस्टम की तर्ज परबेड दिए जाएंगे । उन्हें सोलर लैंप भी मुहैया कराए जाएंगे ताकि बिजली चली जाने की स्थिति में उनकी पढ़ाई बाधित न हो और बिजली बचाने की प्रवृत्ति भी विकसित हो ।
गौरतलब है कि पिछड़ी और गरीब बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कराया था । कक्षा छह से आठ तक चलने वाले इन विद्यालयों में छात्राओं को वजीफा,खाना, रहने और पढ़ने की सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं ।
सूत्र बताते हैं कि कई जगह छात्राओं को जमीन पर सोना पड़ता है तो कई जगह तखत की व्यवस्था है । इन विद्यालयों में कई कई घंटों के लिए बिजली चली जाने से इनकी पढ़ाई प्रभावित होती है । शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इससे निजात दिलाने के लिए सभी कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं को एक-एक सोलर लैंप दिया जाएगा ।
(नई दुनिया,दिल्ली,31.3.2010)
गौरतलब है कि पिछड़ी और गरीब बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए केंद्र सरकार ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का निर्माण कराया था । कक्षा छह से आठ तक चलने वाले इन विद्यालयों में छात्राओं को वजीफा,खाना, रहने और पढ़ने की सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं ।
सूत्र बताते हैं कि कई जगह छात्राओं को जमीन पर सोना पड़ता है तो कई जगह तखत की व्यवस्था है । इन विद्यालयों में कई कई घंटों के लिए बिजली चली जाने से इनकी पढ़ाई प्रभावित होती है । शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इससे निजात दिलाने के लिए सभी कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं को एक-एक सोलर लैंप दिया जाएगा ।
(नई दुनिया,दिल्ली,31.3.2010)
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