पटना में कोचिंग संचालकों की मनमानी और उनकी गुंडागर्दी को रोकने के लिए विधानसभा ने मंगलवार की रात बिहार कोचिंग संस्थान विधेयक 2010 पर अपनी मुहर लगा दी है। इस विधेयक के बारे में बोलते हुए मानव संसाधन मंत्री हरिनारायण सिंह ने कहा कि इस विधेयक के पारित हो जाने के बाद राज्य में कोचिंग संस्थान छात्रों का शोषण नहीं कर सकेगा।इस बिल के तहत 10 से ज्यादा छात्र संख्या वाले शिक्षण संस्थानों को अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। शिक्षण शुल्क का निर्धारण सरकार द्वारा किया जाएगा। शिक्षण संस्थान में जगह के अनुपात में ही छात्रों की संख्या तय की जाएगी। बिहार सरकार को इस बिल को लाने की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि हमेशा से ही शिक्षण संस्थानों व छात्रों में भिड़ंत होती रहती थी। पिछले दिनों पटना में एक कोचिंग संचालक व छात्रों के बीच हुई पत्थरबाजी हुई थी। जिसके बाद पुलिस को मजबूरन गोलियां चलानी पड़ीं थीं। इस घटना में दो छात्रों की मौत हो गई थी।
इस विधेयक के अनुसार एक माह के अंदर सभी कोचिंग संस्थाओं को सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। निबंधन तीन वर्ष के लिए मान्य होगा और इसके लिए कोचिंग संस्थान को सरकार को 5 हजार रुपये देने होंगे। इसके साथ ही कोचिंग मालिक को अब फीस का उल्लेख भी प्रोस्पेक्टस में देना होगा ताकि वह कोर्स के दौरान बीच में अपने फीस में इजाफा न कर सकें।
क्या प्रावधान है कोचिंग विधेयक में
कोचिंग संस्थान द्वारा गरीब छात्रों को रियायत।
नियम तोड़ने पर दो बार जुर्माना व तीसरी बार पंजीयन रद्द होगा।
छात्रों के लिए शिकायत सेल का गठन।
शिक्षकों की योग्यता सूची लगाना अनिवार्य।
हर हाल में कोर्स पूरा करवाना होगा।
अब मनमानी फीस वसूलना संभव नहीं।
इस विधेयक के अनुसार एक माह के अंदर सभी कोचिंग संस्थाओं को सरकारी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। निबंधन तीन वर्ष के लिए मान्य होगा और इसके लिए कोचिंग संस्थान को सरकार को 5 हजार रुपये देने होंगे। इसके साथ ही कोचिंग मालिक को अब फीस का उल्लेख भी प्रोस्पेक्टस में देना होगा ताकि वह कोर्स के दौरान बीच में अपने फीस में इजाफा न कर सकें।
क्या प्रावधान है कोचिंग विधेयक में
कोचिंग संस्थान द्वारा गरीब छात्रों को रियायत।
नियम तोड़ने पर दो बार जुर्माना व तीसरी बार पंजीयन रद्द होगा।
छात्रों के लिए शिकायत सेल का गठन।
शिक्षकों की योग्यता सूची लगाना अनिवार्य।
हर हाल में कोर्स पूरा करवाना होगा।
अब मनमानी फीस वसूलना संभव नहीं।
कोचिंग संस्थाओं को तीन साल के लिए निबंधन कराना होगा।
सरकार को रजिस्ट्रेशन कागज देते वक्त उसमें फीस का उल्लेख करना होगा।
शिक्षकों के योग्यता की जानकारी सरकार को देनी होगी।
मानवीय सुविधाएं मुहैया कराना होगा।
सरकार चाहे तो कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन रद्द भी कर सकती है।
(कुणाल कुमार,दैनिक भास्कर,31.3.2010)
शिक्षकों के योग्यता की जानकारी सरकार को देनी होगी।
मानवीय सुविधाएं मुहैया कराना होगा।
सरकार चाहे तो कोचिंग संस्थान का रजिस्ट्रेशन रद्द भी कर सकती है।
(कुणाल कुमार,दैनिक भास्कर,31.3.2010)
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