बिहार सरकार ने विश्वविघालय शिक्षकों को यूजीसी पैकेज के आधार पर नया वेतनमान देने और शिक्षकेतरकर्मियों को राज्यकर्मियों के समान वेतन देने पर सहमति व्यक्त कर दी है। सरकार के इस निर्णय के बाद शिक्षक संगठन फुटाब-फुस्टाब और बिहार राज्य विश्वविघालय एवं महाविघालय कर्मचारी महासंघ ने अपने प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया है। आठ अप्रैल से विश्वविघालय शिक्षकों और पंद्रह अप्रैल से शिक्षकेतरकर्मियों ने बेमियादी हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। विश्वविघालय और महाविघालय शिक्षकों और कर्मचारी नेताओं के साथ शिक्षा मंत्री हरिनारायण सिंह और मानव संसाधन विकास विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह के साथ दो अलग-अलग बैठकें आयोजित हुईं। घंटों चली बैठक में शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को दो माह के अंदर 1 जनवरी 2006 से यूजीसी पैकेज लागू करने, सेवानिवृत्ति उम्र सीमा 65 वर्ष करने पर राज्यपाल से राय लेने के बाद उनकी अनुमति मिलते ही पंद्रह दिनों के अंदर लागू कर दिया जायेगा। बैठक में लंबित प्रोन्नति का मामला उठा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मामले में निगरानी की जांच समीक्षा होगी। विश्वविघालयों के नाम बकाया मद में जारी दो करोड़ रूपये भुगतान करने को लेकर मंत्री और सचिव स्तर पर समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि शिक्षकों के साथ जिन बिंदुओं पर समझौता हुआ है उसे लागू करने के लिए मई के प्रथम सप्ताह में शिक्षकों के साथ एक बार फिर बैठक होगी। फुटाब -फुस्टाब के संयोजक प्रो. रामजतन सिन्हा और प्रो. केबी सिंह ने कहा कि वार्ता सौहार्दपूर्ण माहौल में आयोजित हुई। सरकार द्वारा सभी मांगों पर सहमति व्यक्त की गयी। सरकार से मिले आश्वासन के बाद आठ अप्रैल से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। वार्ता में फुटाब के दिलीप चौधरी और संजय सिंह भी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्री के साथ दूसरी बैठक बिहार राज्य विश्वविघालय एवं महाविघालय कर्मचारी महासंघ के नेताओं के साथ हुई। शिक्षा मंत्री हरिनारायण सिंह और मानव संसाधन विकास विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह ने विश्वविघालय एवं महाविघालय के शिक्षकेतरकर्मियों और पदाधिकारियों को राज्यकर्मियों की तरह समान वेतनमान देने की बात पर सहमति व्यक्त की। मंत्री ने कर्मचारी नेताओं को आश्वस्त किया कि दो माह के अंदर शिक्षकेतरकर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान लागू कर दिया जायेगा। साथ ही समिति बनायी जायेगी, जिसके तहत शिक्षकेतरकर्मियों को पांचवां और छठा वेतन निर्धारित करने पर विचार किया जायेगा। इसके अलावा 1 जनवरी 1996 के प्रभाव से लागू बकाया 78 करोड़ की वेतनमद की राशि देने, उच्च न्यायालय में दायर याचिका को वापस लेने और राज्यकर्मियों की तरह 2610 से 3540 और 2650 से चार हजार वेतन पुनरीक्षित तथा वेतन संबंधी राज्यादेश जारी करने का आश्वासन दिया गया। (राष्ट्रीय सहारा,पटना,6.4.2010)
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