मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

09 अप्रैल 2010

अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में एक करोड़ रोजगार

भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए देश ग्रीन एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) क्षेत्र की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इससे न केवल ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से भी निपटने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं इससे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होने की भी संभावना है। ग्लोबल क्लाइमेट नेटवर्क (जीसीएन) की मानें तो भारत सरकार के नेशनल ऐक्शन प्लान आन क्लाइमेट चेंज (एनएपीसीसी) के क्रियान्वयन से पवन, सौर और जैव ईधन के जरिए बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। साथ ही रोजगार के 1.05 करोड़ प्रत्यक्ष अवसर भी पैदा होंगे। लो कार्बन जाब्स इन ए इंटरकनेक्टेड व‌र्ल्ड शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि पवन ऊर्जा तकनीकी के क्षेत्र में भारत अहम देश है। इस क्षेत्र में भारतीय कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर सकती हैं। इससे अकेले इसी क्षेत्र में 2 लाख 88 हजार 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस रिपोर्ट को जीसीएन और द एनर्जी रिर्सोसेस इंस्टीट्यूट (टेरी) ने मिलकर तैयार किया है। रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए कार्बन उत्सर्जन घटाने और अक्षय ऊर्जा तकनीकी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन किया गया है।
(दैनिक जागरण,पटना,9.4.2010)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।