पंजाब के उन सभी स्कूलों को शिक्षा बोर्ड ने राहत प्रदान की है, जिन्होंने अभी तक बोर्ड से संबंद्धता नहीं ली थी। यानि कि इन स्कूलों के बच्चे अब प्राइवेट की जगह रेगुलर परीक्षा दे सकेंगे।
इस फैसले से प्रदेश के लगभग 150 स्कूलों के बच्चों को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। इसका फैसला सेकेंडरी एजुकेशन निदेशालय ने लिया है। इन स्कूलों को विभाग ने संजीवनी बूटी सुंघाई है, लेकिन जो स्कूल इस बार असफल हो गए तो उन्हें बोर्ड की तरफ से आक्सीजन देना मुश्किल हो जाएगा।
पिछले वर्षो 2008-09 तथा 2009-10 जो स्कूल बोर्ड से संबंद्धता प्राप्त नहीं कर सके थे। उन्हें बोर्ड ने राहत प्रदान की है। निदेशालय ने कहा कि 10 अप्रैल 2007 से पूर्व जिन स्कूलों ने फार्म नंबर दो पर आवेदन किया था। उन सभी स्कूलों को अस्थाई संबंद्धता जारी हो सकेगी।
ताकि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे पहले की तरह से रेगुलर परीक्षा दे सकें, लेकिन इन स्कूलों को अंतिम बार आक्सीजन देने का निर्णय लिया गया है, लेकिन इन स्कूलों को वह आवदेन बोर्ड को सौंपने होंगे, जिसके लिए उन्होंने पहले आवेदन किया था।
ऐसे स्कूलों को अपने आवेदन सात जून तक देने होंगे। निदेशालय ने आदेश जारी किए हैं कि ऐसे स्कूलों को भविष्य में ऐसी एक्सटेंशन नहीं दी जाएगी। बोर्ड ने ऐसे स्कूलों की तिथि बढ़ाने का भी निर्णय लिया है, जिनके पास संबंद्धता नहीं थी।
दिया अंतिम मौका
जिन्होंने संबंद्धता के लिए एप्लाई नहीं किया उन्हें निदेशालय ने अंतिम मौका दिया है। ताकि इन स्कूलों के विद्यार्थी परीक्षा दे सकें। इसके लिए अंतिम तिथि 7 जून रखी गई है।ज्ज
शेखर विद्यार्थी, सचिव, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, हरियाणा।
फैसले से स्कूलों को होगा फायदा
फेडरेशन आफ अनरिकोग्नाइज्ड स्कूल हरियाणा के प्रधान कुलभूषण शर्मा ने कहा कि इस फैसले के बाद उन स्कूलों को फायदा पहुंचेगा, जिन्हें बोर्ड से संबंद्धता नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को लाभ पहुंचेगा। वे अब रेगुलर दाखिला के साथ परीक्षा में बैठ सकेंगे।
(दैनिक भास्कर,हरियाणा संस्करण,28.5.2010 में अंबाला से उज्ज्वल शर्मा की रिपोर्ट)
इस फैसले से प्रदेश के लगभग 150 स्कूलों के बच्चों को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। इसका फैसला सेकेंडरी एजुकेशन निदेशालय ने लिया है। इन स्कूलों को विभाग ने संजीवनी बूटी सुंघाई है, लेकिन जो स्कूल इस बार असफल हो गए तो उन्हें बोर्ड की तरफ से आक्सीजन देना मुश्किल हो जाएगा।
पिछले वर्षो 2008-09 तथा 2009-10 जो स्कूल बोर्ड से संबंद्धता प्राप्त नहीं कर सके थे। उन्हें बोर्ड ने राहत प्रदान की है। निदेशालय ने कहा कि 10 अप्रैल 2007 से पूर्व जिन स्कूलों ने फार्म नंबर दो पर आवेदन किया था। उन सभी स्कूलों को अस्थाई संबंद्धता जारी हो सकेगी।
ताकि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे पहले की तरह से रेगुलर परीक्षा दे सकें, लेकिन इन स्कूलों को अंतिम बार आक्सीजन देने का निर्णय लिया गया है, लेकिन इन स्कूलों को वह आवदेन बोर्ड को सौंपने होंगे, जिसके लिए उन्होंने पहले आवेदन किया था।
ऐसे स्कूलों को अपने आवेदन सात जून तक देने होंगे। निदेशालय ने आदेश जारी किए हैं कि ऐसे स्कूलों को भविष्य में ऐसी एक्सटेंशन नहीं दी जाएगी। बोर्ड ने ऐसे स्कूलों की तिथि बढ़ाने का भी निर्णय लिया है, जिनके पास संबंद्धता नहीं थी।
दिया अंतिम मौका
जिन्होंने संबंद्धता के लिए एप्लाई नहीं किया उन्हें निदेशालय ने अंतिम मौका दिया है। ताकि इन स्कूलों के विद्यार्थी परीक्षा दे सकें। इसके लिए अंतिम तिथि 7 जून रखी गई है।ज्ज
शेखर विद्यार्थी, सचिव, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, हरियाणा।
फैसले से स्कूलों को होगा फायदा
फेडरेशन आफ अनरिकोग्नाइज्ड स्कूल हरियाणा के प्रधान कुलभूषण शर्मा ने कहा कि इस फैसले के बाद उन स्कूलों को फायदा पहुंचेगा, जिन्हें बोर्ड से संबंद्धता नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि इस फैसले से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को लाभ पहुंचेगा। वे अब रेगुलर दाखिला के साथ परीक्षा में बैठ सकेंगे।
(दैनिक भास्कर,हरियाणा संस्करण,28.5.2010 में अंबाला से उज्ज्वल शर्मा की रिपोर्ट)
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