डॉ.दिनेश कुमार जाधव की चार किताबें छप चुकी हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में उनके 31 रिसर्च पेपर भी प्रकाशित हो चुके हैं। बॉटनी में पीएचडी धारी जाधव बीते एक दशक से रतलाम के कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में अतिथि विद्वान (गेस्ट लेक्चरर) के रूप में कार्य कर रहे हैं।
वेतन के नाम पर उन्हें मिलता है प्रति पीरियड 120 रुपए। यानी महज आठ से दस हजार रुपए महीना, जो यूजीसी के मौजूदा मानदंडों का आधा भी नहीं है।
जाधव ऐसे अकेले नहीं हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकृत आंकड़ों के मुताबिक अतिथि विद्वानों की संख्या करीब 1600 है। इनमें 98 फीसदी प्रथम श्रेणी में पोस्ट ग्रेज्युएट हैं। 42 फीसदी ने तो पीएचडी भी कर रखी है।
‘दैनिक भास्कर’ ने ऐसे ही कुछ पीएचडीधारी अतिथि विद्वानों से बातचीत की तो उनकी पीड़ा साफ आई। होशंगाबाद के डॉ.जितेश कुमार गवनेकर,सागर के डॉ.मनीष कुमार जैन,पन्ना के डॉ.अनिल कुमार सिंह का कहना है कि महंगाई के इस दौर में 8 से 10 हजार रुपए में पूरे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है।
असिस्टेंट प्रोफेसर की योग्यता रखने वाले ये अतिथि विद्वान लंबे अर्से से इसी इंतजार में हैं कि उन्हें आज नहीं तो कल स्थाई नौकरी मिल ही जाएगी। इस इंतजार में कई तो ओवरएज हो गए हैं।
यूजीसी मानदंडों का उल्लंघन
यूजीसी के मानदंडों के अनुसार अतिथि विद्वानों को प्रति पीरियड 250 रुपए निर्धारित किया गया है। लेकिन इन्हें 120 रुपए ही मिलते हैं। कुछ माह पहले यूजीसी की छठे वेतन आयोग की रिव्यू कमेटी ने 250 रुपए को भी बहुत कम मानकर उस अतिथि विद्वान को प्रति पीरियड एक हजार रुपए देने की सिफारिश की है जिसके पास असिस्टेंट प्रोफेसर पद की योग्यता है।
समिति ने यह भी कहा है कि अतिथि विद्वान केवल कुछ पीरियड पढ़ाने के लिए रखे जा सकते हैं। यदि ज्यादा ही जरूरत है तो उन्हें एक साल के लिए कांट्रेक्ट पर रखा जाना चाहिए और उनका वेतन असिस्टेंट प्रोफेसर को मिलने वाले न्यूनतम वेतन से कम नहीं होना चाहिए। अभी इन्हें सेमिस्टर खत्म होने के बाद हटा दिया जाता है।
प्रदेश के कॉलेजों की स्थिति
प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पद 1200
भर्ती प्रक्रिया में शामिल पद 399
काम कर रहे अतिथि व्याख्याता 1488
वेतन में इतना अंतर
असिस्टेंट प्रोफेसर का शुरुआती वेतन 25,000
पीएचडी होल्डर असिस्टेंट प्रोफेसर का वेतन 31,000
अतिथि विद्वान का वेतन 10,000
कहां कितना वेतन
छत्तीसगढ़: गेस्ट फेकल्टी 18८,840
गुजरात 16,500
‘सरकार अतिथि विद्वानों का चयन तो यूजीसी के मानदंडों के आधार पर कर रही है, लेकिन उन मानदंडों के अनुरूप वेतन नहीं दे रही है। यह राज्य सरकार की मनमानी है। ’
डॉ देवराज सिंह, अध्यक्ष, मप्र अतिथि विद्वान महासंघ
‘अतिथि विद्वानों के लिए प्रति पीरियड १क्क् रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए पहले ही किया जा चुका है। जहां तक यूजीसी की सिफारिशें लागू करने का प्रश्न है,इसका निर्णय शासन के स्तर पर ही हो सकता है। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी।’
आशीष उपाध्याय, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग(Dainik Bhaskar,Bhopal,30.6.2010)
वेतन के नाम पर उन्हें मिलता है प्रति पीरियड 120 रुपए। यानी महज आठ से दस हजार रुपए महीना, जो यूजीसी के मौजूदा मानदंडों का आधा भी नहीं है।
जाधव ऐसे अकेले नहीं हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकृत आंकड़ों के मुताबिक अतिथि विद्वानों की संख्या करीब 1600 है। इनमें 98 फीसदी प्रथम श्रेणी में पोस्ट ग्रेज्युएट हैं। 42 फीसदी ने तो पीएचडी भी कर रखी है।
‘दैनिक भास्कर’ ने ऐसे ही कुछ पीएचडीधारी अतिथि विद्वानों से बातचीत की तो उनकी पीड़ा साफ आई। होशंगाबाद के डॉ.जितेश कुमार गवनेकर,सागर के डॉ.मनीष कुमार जैन,पन्ना के डॉ.अनिल कुमार सिंह का कहना है कि महंगाई के इस दौर में 8 से 10 हजार रुपए में पूरे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है।
असिस्टेंट प्रोफेसर की योग्यता रखने वाले ये अतिथि विद्वान लंबे अर्से से इसी इंतजार में हैं कि उन्हें आज नहीं तो कल स्थाई नौकरी मिल ही जाएगी। इस इंतजार में कई तो ओवरएज हो गए हैं।
यूजीसी मानदंडों का उल्लंघन
यूजीसी के मानदंडों के अनुसार अतिथि विद्वानों को प्रति पीरियड 250 रुपए निर्धारित किया गया है। लेकिन इन्हें 120 रुपए ही मिलते हैं। कुछ माह पहले यूजीसी की छठे वेतन आयोग की रिव्यू कमेटी ने 250 रुपए को भी बहुत कम मानकर उस अतिथि विद्वान को प्रति पीरियड एक हजार रुपए देने की सिफारिश की है जिसके पास असिस्टेंट प्रोफेसर पद की योग्यता है।
समिति ने यह भी कहा है कि अतिथि विद्वान केवल कुछ पीरियड पढ़ाने के लिए रखे जा सकते हैं। यदि ज्यादा ही जरूरत है तो उन्हें एक साल के लिए कांट्रेक्ट पर रखा जाना चाहिए और उनका वेतन असिस्टेंट प्रोफेसर को मिलने वाले न्यूनतम वेतन से कम नहीं होना चाहिए। अभी इन्हें सेमिस्टर खत्म होने के बाद हटा दिया जाता है।
प्रदेश के कॉलेजों की स्थिति
प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पद 1200
भर्ती प्रक्रिया में शामिल पद 399
काम कर रहे अतिथि व्याख्याता 1488
वेतन में इतना अंतर
असिस्टेंट प्रोफेसर का शुरुआती वेतन 25,000
पीएचडी होल्डर असिस्टेंट प्रोफेसर का वेतन 31,000
अतिथि विद्वान का वेतन 10,000
कहां कितना वेतन
छत्तीसगढ़: गेस्ट फेकल्टी 18८,840
गुजरात 16,500
‘सरकार अतिथि विद्वानों का चयन तो यूजीसी के मानदंडों के आधार पर कर रही है, लेकिन उन मानदंडों के अनुरूप वेतन नहीं दे रही है। यह राज्य सरकार की मनमानी है। ’
डॉ देवराज सिंह, अध्यक्ष, मप्र अतिथि विद्वान महासंघ
‘अतिथि विद्वानों के लिए प्रति पीरियड १क्क् रुपए से बढ़ाकर 120 रुपए पहले ही किया जा चुका है। जहां तक यूजीसी की सिफारिशें लागू करने का प्रश्न है,इसका निर्णय शासन के स्तर पर ही हो सकता है। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी।’
आशीष उपाध्याय, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग(Dainik Bhaskar,Bhopal,30.6.2010)
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