उत्तर प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेजों को बीटेक योग्यता वाले शिक्षकों से पढ़ाई करानी पड़ रही है। गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय (पुराना यूपीटीयू) नये सत्र से शिक्षकों के लिए एमटेक कार्यक्रम शुरू कर रहा है। शिक्षक पढ़ाते-पढ़ाते एमटेक करके अर्हता पूरी कर सकेंगे। इसके लिए रविवार से काउंसलिंग शुरू हो गयी। पहले विश्वविद्यालय ने परंपरागत एमटेक पाठ्यक्रम शुरू किया था, जिसमें शिक्षकों को अवकाश लेकर पढ़ाई करनी होती थी। यह कार्यक्रम बीच में बंद हो गया। शिक्षकों की कमी के चलते विश्वविद्यालय फिर से मॉड्यूलर एमटेक पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है जिसके अंतर्गत शिक्षक पढ़ाते- पढ़ाते एमटेक कर सकेंगे। उन्हें संबंधित विषयों के एआईसीटीई के निर्देशन पर तैयार माड्यूल दिए जायेंगे। शिक्षकों को मॉड्यूल की तैयारी कर तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं देनी होंगी। उत्तीर्ण होने पर एमटेक की डिग्री प्रदान की जायेगी। ऐसे सभी शिक्षक एमटेक की डिग्री प्राप्त कर एआईसीटीई द्वारा निर्धारित अर्हता प्राप्त कर लेंगे। हालांकि प्राविधिक विश्वविद्यालय अब दो भागों में बंट गया है। गौतमबुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के पास 249 व महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय नोएडा के पास 340 कालेज रहेंगे परंतु फिलहाल एमटेक पाठ्यक्रम की व्यवस्था गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के निर्देशन में चलेगी। अन्य पाठ्यक्रमों की द्वितीय, तृतीय व फाइनल वर्ष की पढ़ाई व परीक्षा पर नियंत्रण जीबीटीयू का ही रहेगा। कुलसचिव यूएस तोमर ने बताया कि इसी के चलते जीबीटीयू ने रविवार को नोएडा में एमटेक की काउंसलिंग शुरू करायी है। आवेदन करने वाले 353 अभ्यर्थियों में से पहले दिन 143 की काउंसलिंग हुई। अलग- अलग कालेजों को अलग-अलग एमटेक पाठ्यक्रम दिए गये हैं। चयनित शिक्षकों को विषयवार इन्हीं कालेजों से संबद्ध कर दिया जायेगा(दैनिक जागरण,कानपुर,28.6.2010)।
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