प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और उनसे सम्बद्ध कालेजों के विद्यार्थियों और शिक्षकों का कम्प्यूटर डाटाबेस तैयार कराने की योजना है। विद्यार्थियों और शिक्षकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां कम्प्यूटर पर उपलब्ध होंगी। डाटाबेस के आधार पर राज्य के विश्वविद्यालय के किसी भी विद्यार्थी या शिक्षक के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। योजना के तहत हर विद्यार्थी का वेबपेज भी बनाने की मंशा है। इस पर नये शैक्षिक सत्र से प्रदेशव्यापी स्तर पर काम शुरू होने की संभावना है। उच्च शिक्षा विभाग की इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.हर्ष कुमार सहगल समन्वयक की भूमिका निभायेंगे। डाटाबेस तैयार करने में तकनीकी सहयोग देने के लिए पहले उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कार्पोरेशन लि. (यूपीडेस्को) डाटाबेस को चुना गया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब यह जिम्मेदारी अपट्रान को सौंपने का निर्णय हुआ है। हर विश्वविद्यालय की यह जिम्मेदारी होगी कि वह अपने से सम्बद्ध कालेजों के विद्यार्थियों का डाटाबेस भी तैयार करवाये। वर्तमान में प्रदेश में 12 राज्य विश्वविद्यालय, 138 राजकीय, 331 अनुदानित और लगभग 2800 स्ववित्तपोषित कालेज हैं जिनमें लगभग बीस लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। लखनऊ और कानपुर विश्वविद्यालयों में यह काम शुरू हो चुका है जिसे अब सभी राज्य विश्वविद्यालयों और सम्बद्ध कालेजों में लागू करना है(दैनिक जागरण,कानपुर,28.6.2010)।
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