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28 जून 2010

लॉजिर्स्क्सि मैनेजमेंट में करियर

हाल में विकसित नए कॅरिअर विकल्पों में लॉजिस्क्सि एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट को रोजगार की दृष्टि से काफी उपयोगी माना जा रहा है। रॉ मैटेरियल के बाद उत्पाद तैयार करने और उपभोगताओं तक उपलब्धता सुनिश्चित करने की समूची श्रृंखला को मोटेतौर पर लॉजिस्क्सि एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट के रूप में जाना जाता है। लॉजिस्क्सि से वितरण का भी अर्थ लगाया जा सकता है।

हालांकि इससे जुड़े कार्यकलाप बहुत व्यापक हैं जिसमें ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट, वेअरहाउसिंग, मैटेरियल हैंडलिंग, लॉजिस्क्सि नेटवर्क डिजायन इन्वेंटरी मैनेजमेंट, सप्लाई-डिमांड प्लानिंग आदि का भी उल्लेख किया जा सकता है। अगर देखा जाए तो इस क्षेत्र में कॅरिअर निर्माण से लगभग प्रत्येक व्यवसाय एवं उद्योग-धंधों में रोजगार की राहें प्रशस्त होती हैं। सेवाक्षेत्र, विनिर्माण उद्योग, रिटेलिंग, एजुकेशन आदि में ऐसे प्रोफेशनल्स की बड़े पैमाने पर जरूरत पड़ती है।

लॉजिस्क्सि के क्षेत्र में असल कार्य चुनौती है सही उत्पादों को सही समय पर सही लागत पर सही मात्र में सही जगह पर पहुंचाना। जाहिर है, यह काम जितना सरल सा प्रतीत होता है असल में उतना ही जटिल है। ऐसे क्षेत्र में जाने के इच्छुक युवाओं से अपेक्षा की जाती है कि वे समस्याओं को सुलझाने और मानव संसाधन प्रबंधन में दक्ष हों। विश्लेषणात्मक हुनर के अलावा बेहतर संचार क्षमता और कंप्यूटर का जानकार होना सफलता की राहों को आसान करने में सहायक माने जा सकते हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि विषमता और चुनौतियों का सामना करने में विश्वास रखने वाले युवाओं के लिए यह क्षेत्र रोमांच के साथ अपनी क्षमताओं को सिद्ध करने के भरपूर अवसर प्रदान करता है। इतना ही नहीं, विभिन्न व्यवसायों का अनुभव और विविध उद्यमों के गुर सीखने के अतिरक्ति लाभ भी इस प्रोफेशन में रहकर उठाए जा सकते हैं।

ऐसे में मंदी की चपेट में आए उद्योगों से अलग होकर फलते-फूलते उद्योगों की ओर जाना भी इन प्रोफेशनलों के लिए कतई मुश्किल नहीं कहा जा सकता है। इस क्षेत्र में भविष्य निर्माण के लिए युवाओं के लिए कॉमर्स अथवा बिजनेस मैनेजमेंट विषयों का डिग्रीधारक होना अवश्यक है। हालांकि अन्य स्ट्रीम के युवाओं के लिए पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर लॉजिस्क्सि एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट विधा में विभिन्न कोर्सेज देश में उपलब्ध हैं। यह सही है कि फिलहाल ग्रेजुएशन के स्तर पर इस विधा से संबंधित कोई विशिष्ट कोर्स किसी मान्य संस्थान द्वारा नहीं आयोजित किया जा रहा है। लेकिन विदेशों की तर्ज पर देर-सेबर इस प्रकार के कोर्सेज का १०+२ के बाद अस्तित्व में आना लगभग तय है।

अन्य प्रोफेशन की तरह कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी का इस क्षेत्र में भी भरपूर इस्तेमाल होता है। यही कारण है कि इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के युवाओं की बड़ी आसानी से इस विशिष्ट क्षेत्र में एंट्री देखी जा सकती है। बाद में कार्यानुभव के अलावा पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा इस क्षेत्र में जुटाकर बड़ी आसानी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ सकते हैं।

जहां तक लॉजिस्क्सि एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट विधा में ट्रेनिंग की बात है तो जैसा कि ऊपर भी उल्लेख किया गया है कि सिर्फ पी जी स्तर पर ही विभिन्न संस्थानों द्वारा पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें एमबीए मैटेरियल मैनेजमेंट, पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैटेरियल मैनेजमेंट, मास्टर्स प्रोग्राम इन इंटरनेशनल बिजनेस विद स्पेशियलाइजेशन इन लॉजिस्क्सि, पीजी प्रोग्राम इन पब्लिक सिस्टम्स मैनेजमेंट, स्पेशियलाइजेशन इन ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्क्सि मैनेजमेंट आदि का खासतौर पर जिक्र किया जा सकता है।

इसमें से कई कोर्सेज पत्राचार पद्धति से भी संचालित हैं। ऐसे ट्रेंड लोगों के लिए मैन्यूफैक्चरिंग एवं मर्केटाइजिंग के अलावा ट्रांसपोर्टेशन सर्विस, टेलरोड, एयर कैरियर्स, कूरियर सेवा एवं फ्रेट फार्वडिंग एजेंसियों में प्रारंभिक तौर पर रोजगार की पर्याप्त संभावनाएं हो सकती हैं।
प्रमुख संस्थानों की सूचीः
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैटेरियल मैनेजमेंट,दिल्ली
एम.पी. भोज खुला विश्वविद्यालय,भोपाल
सीआईआई इंस्टीट्यूट ऑफ़ लॉजिस्टिक्स,चेन्नै(नई दुनिया,दिल्ली,28.6.2010)

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