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30 जून 2010

हिमाचल:अब शैक्षणिक सत्र में नहीं होंगे तबादले

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों के अब शैक्षणिक सत्र के दौरान शिक्षकों के तबादले नहीं होंगे। प्रदेश सरकार जल्द ही ऐसी व्यवस्था करने जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार वर्ष 2005 से पहले नियुक्त अनुबंध आधार पर नियुक्त हुए स्कूल लेक्चरर को बीएड की शर्त में छूट देने की मांग पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने यह जानकारी मंगलवार को स्कूल लेक्चर्स एसोसिएशन के सम्मेलन में दी।

उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम शिक्षा बोर्ड ने अपना तो लिया है, लेकिन इसमें सुधार की गुजांइश है। इसलिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारहवीं तक स्कूलों में ऐसा मैकेनिज्म विकसित किया जाएगा जिससे छात्रों में छिपे टैलेंट को सही दिशा मिल सके। प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए जो भी संभव होगा उसके लिए सरकार पूरे प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा की गुणवत्ता ही सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए शिक्षकों को प्रयत्नशील रहना चाहिए। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आईडी धीमान ने बताया कि राज्य में इस समय स्कूलों में बच्चों की शत प्रतिशत एनरोलमेंट दर है और ड्राप ऑउट रेट एक प्रतिशत से भी कम है। वर्तमान में राज्य में अध्यापक छात्र अनुपात देश के किसी भी राज्य से सबसे अधिक है।

राज्य में छात्र अध्यापक अनुपात 15:1 है। राष्ट्रीय औसत 40:1 है। मुख्य संसदीय सचिव वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार शिक्षकों के हितों का पूरा ध्यान रख रही है। बेहतर वेतनमान दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष सीएल गुप्त, प्रधान शिक्षा सचिव श्रीकांत बाल्दी, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. ओपी शर्मा, पूर्व शिक्षा मंत्री राधारमण शास्त्री, प्रो आरएन मेहता और स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अश्वनी कुमार के अलावा करीब एक हजार शिक्षक मौजूद थे। इस मौके पर लेक्चरर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख 11 हजार 111 रुपए का अंश दान दिया(Dainik Bhaskar,Shimla,30.6.2010)।

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