शुरुआती संघर्ष के दौर के बाद अब वह खुश हैं और फ्रीलांसिंग के काम को पूरी तरह स्वतंत्र करियर का रूप दे चुकी हैं। चाहे नौकरी छोड़कर फ्रीलांसिंग के क्षेत्र में जाने की सोच रहे हैं अथवा करियर की शुरुआत फ्रीलांसिंग से कर रहे हैं, इस क्षेत्र में अपनी राह को आसान बनाने के लिए पहले अपनी जानकारी को बढ़ा लें-
काम हासिल करना
फ्रीलांसिंग का मतलब है अपने क्लाइंट खुद हासिल करना। ऐसे युवा जो पहली बार अपना काम शुरू करने जा रहे हैं, उनके लिए सबसे जरूरी अपने नेटवर्क का अधिक से अधिक विस्तार करना और उन तक यह बात पहुंचाना कि आप अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार हैं।
विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पोर्टफोलियो बनाकर डालें, जहां क्लाइंट अपनी प्रोजेक्ट जरूरतों और काम आपको भेज सकते हों। कहने का मतलब है यदि आप फ्रीलांसिंग को ही एक संपूर्ण करियर का रूप देने की सोच रहे हैं तो पारंपरिक फ्रीलांसिंग के तरीकों के साथ-साथ अपने काम को विस्तार देने के लिए आधुनिक तकनीक को भी नजरअंदाज न करें।
मेहनताना दर
यदि आप अभी शुरुआती दौर में हैं तो ऐसे लोग जो आपके काम से परिचित हैं, उनसे काम पाने में कामयाब हो सकते हैं। अन्यथा नए प्रोजेक्ट पाने में सफलता हासिल करना इस बात पर निर्भर करेगा कि किसी प्रोजेक्ट विशेष पर काम करने के लिए आपकी शर्ते क्या हैं?
शुरुआत के कुछ प्रोजेक्ट्स पर आप संभावित ग्राहकों को एक अनुमानित लागत बता सकते हैं। ऐसी राशि जिसमें 10 से 20 प्रतिशत कम किए जाने की गुंजाइश हो। बेहतर यह भी है कि आप स्थायी उचित दर बता दें। ऐसा न हो कि आपके द्वारा राशि ज्यादा बताए जाने पर शुरुआती क्लाइंट भी आपके हाथ से निकल जाएं।
जैसे-जैसे आपके हाथ में अधिक काम आना शुरू हो जाता है और आप उस क्षेत्र में अनुभव रखने लगते हैं, तो आपके लिए क्लाइंट के समक्ष अपनी शर्ते रखना आसान हो जाता है।
सामान्यत: बाजार में प्रोफेशनल फ्रीलांसर अपनी सेवाओं के लिए घंटों के आधार पर मेहनताना लेते हैं। हालांकि यह काम की प्रकृति पर भी निर्भर करता है कई बार भुगतान प्रोजेक्ट आधारित भी होता है। बतौर नया फ्रीलांसर सबसे पहले आप बाजार में आपके काम के लिए मौजूद दरों की जानकारी हासिल करें। इसके अलावा, यह भी आकलन करें कि काम पर पैसा, श्रम और समय के तौर पर आपको कितना निवेश करना होगा। उसके आधार पर ही आप क्लाइंट से वसूल की जाने वाली दरों को निर्धारित करें।
शुरुआती चुनौतियों का सामना
अनिश्चित आय : नौकरी से स्वतंत्र काम शुरु करने पर शुरुआत में कुछ मुश्किल हो सकती हैं। नौकरी की तरह आपकी आय निश्चित नहीं होगी। पर किन क्लाइंट्स को मना करना है इसकी समझ होनी भी जरूरी है। अपनी आय को बढ़ाने के चक्कर में काम के अतिरेक बोझ से बचें। इसलिए एक संतुलित बजट बनाए जाना भी जरूरी है।
भुगतान का तरीका : अपने काम का भुगतान पाने के लिए किसी विश्वसनीय और बाधा रहित तरीके को चुनें। इस संबंध में विभिन्न विकल्प हैं बैंक ट्रांसफर, चेक से भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं के जरिए राशि का हस्तांतरण।
बकाया राशि प्राप्त न कर पाना : कई बार एक फ्रीलांसर का सामना ऐसे क्लाइंट से होता है जो उनकी सेवाओं के लिए भुगतान करने से मना कर देते हैं, भुगतान देर से करते हैं या फिर काम उनके काम की गल्तियां बताकर उनको कम भुगतान करने की कोशिश करते हैं। इस बात के लिए खुद को तैयार रखें और अपने काम का विस्तृत इनवॉयस ग्राहक के पास भेजते रहें जिसमें स्पष्ट तौर पर काम की शर्तो का उल्लेख करें।
बतौर फ्रीलांसर शुरुआत में आपको अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पर यदि आप इसके लिए तैयार हैं तो आपको अपना खुद का बॉस बनने में किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा(हिंदुस्तान,दिल्ली,28.6.2010)।
सुन्दर लेखन।
जवाब देंहटाएंफ्रीलांसिंग के लिए अच्छी सलाह दी.
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