मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आज श्रीलंका से आए बौद्ध धर्मगुरू एवं महाबोधि सभाध्यक्ष वानगल उपतिस्सा नायका थेरो की उपस्थिति में एक बैठक में सांची में बौद्ध विश्र्वविद्यालय की स्थापना के संबंध में विचार-विमर्श किया है। बैठक में इस विश्र्वविद्यालय की स्थापना के लिये सभी आवश्यक औपचारिकताएं चार माह में पूर्ण किये जाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति महेन्द्रा राजपक्षे की संभावित यात्रा के अवसर पर इसके भूमिपूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। रायसेन जिले के विश्र्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल एवं विश्र्व धरोहर स्मारक साँची में विवि के लिये भूमि आवंटन की औपचारिकता शीघ्र पूरी की जायेगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गत वर्ष श्रीलंका महाबोधि सोसायटी साँची के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा में बौद्ध विश्र्वविद्यालय के लिये पूरा सहयोग करने का वचन दिया था। हाल ही में सम्पन्न अपनी श्रीलंका यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने इस विश्र्वविद्यालय के लिये एक करोड़ रूपये की राशि देने की घोषणा भी की। इस विश्र्वविद्यालय की स्थापना महाबोधि सोसायटी द्वारा की जा रही है। विवि की स्थापना का उद्देश्य भगवान बुद्ध के संदेश को लोगों तक पहुंचाना होगा। सोसायटी को धर्मशाला की स्थापना के लिये वर्ष 1956 में भी सांची में भूमि आवंटित की गई थी। मुख्यमंत्री ने सचिव अनुराग जैन और भोपाल संभाग के कमिश्नर मनोज श्रीवास्तव को इस हेतु भूमि आवंटन एवं अन्य प्रारंभिक औपचारिकताएं पूर्ण करने का दायित्व सौंपा है(दैनिक जागरण,भोपाल,30.6.2010)।
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