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17 जून 2010

स्पोर्ट्स कोटे का टफ गेम

स्पोर्ट्स कोटे का एडमिशन प्रोसेस इस बार डीयू के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। टाइम लिमिट खत्म हो जाने के बाद भी अभी तक 26 कॉलेजों ने ही उन स्टूडेंट्स की लिस्ट भेजी है , जिन्होंने स्पोर्ट्स कोटे से एडमिशन के लिए अप्लाई किया था। यह लिस्ट यूनिवर्सिटी के पास 15 जून तक आ जानी चाहिए थी।

यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को एक दिन का समय और दिया है। उसके बाद जितने स्टूडेंट्स की ऐप्लीकेशन होंगी , उन्हें एडमिट कार्ड इशू कर दिए जाएंगे। वाइस चांसलर प्रोफेसर दीपक पेंटल का कहना है कि सेंट्रलाइज्ड ट्रायल पर आखिरी फैसला किया जा चुका है और कॉलेजों को लिस्ट भेजनी चाहिए। जो कॉलेज लिस्ट नहीं भेजेंगे , उनके कॉलेज में स्पोर्ट्स कोटे के एडमिशन नहीं हो सकेंगे। कॉलेजों को साफ - साफ बता दिया गया है कि अगर स्पोर्ट्स कोटे के एडमिशन करने हैं तो सेंट्रलाइज्ड ट्रायल में भागीदारी करनी ही होगी।

अलग ट्रायल नहीं : यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा है कि कॉलेज इस बार अपने लेवल पर ट्रायल कंडक्ट नहीं कर सकते। अभी तक हर कॉलेज में अलग ट्रायल होते थे और स्टूडेंट को हर कॉलेज में जाना पड़ता था। लेकिन अब स्टूडेंट्स को हर कॉलेज का अलग से ट्रायल नहीं देना पड़ेगा। यूनिवर्सिटी ट्रायल कर कॉलेजों को लिस्ट भेज देगी। लिस्ट भेजने के बाद भी यूनिवर्सिटी की एडमिशन प्रोसेस पर नजर रहेगी। कॉलेजों को सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स की पूरी डिटेल यूनिवर्सिटी को भेजनी होगी। ट्रायल के मार्क्स तो यूनिवर्सिटी भेज देगी और सर्टिफिकेट के मार्क्स मिलाकर कॉलेज मेरिट लिस्ट तैयार करेंगे।

पॉइंट फॉर्म्युला तैयार : सर्टिफिकेट के मामले में नैशनल या इंटरनैशनल इवेंट ( व्यक्तिगत या टीम ) में पहली तीन पोजिशन पर आने वाले स्टूडेंट्स को पूरे 75 नंबर मिलेंगे। जबकि इवेंट में भागीदारी के लिए 50 पॉइंट दिए जाएंगे। सीनियर / जूनियर नैशनल गेम्स , फेडरेशन कप चैंपियनशिप और मान्यता प्राप्त नैशनल लेवल की चैंपियनशिप में फर्स्ट पोजिशन लाने वालों को 60, सेकंड पोजिशन के लिए 48 और थर्ड पोजिशन के लिए 24 पॉइंट दिए जाएंगे।

दिखाना होगा 10 का दम : एडमिशन के लिए 100 पॉइंट का फॉर्म्युला तैयार किया गया है। फॉर्म्युले में स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट को 75 पर्सेंट और फील्ड ट्रायल को 25 पर्सेंट वेटेज दी जा रही है। खास बात यह है कि फील्ड ट्रायल में स्टूडेंट को कम से कम 10 नंबर तो लाने ही होंगे , तभी उनका नाम आगे जा पाएगा। 17-18 जून को अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स को अपनी दो फोटो लेकर डीयू स्पोर्ट्स काउंसिल में आना होगा , जहां उन्हें एडमिट कार्ड दिए जाएंगे। ट्रायल डीयू के अलग - अलग कॉलेजों में होंगे।
ट्रायल 22-27 जून तक : डीयू ने सेंट्रलाइज्ड ट्रायल का शेड्यूल भी तय कर दिया है। डीयू स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एजुकेशन की इंचार्ज डॉ . सुदर्शन पाठक ने बताया कि ट्रायल 22 जून से शुरू होंगे और 27 जून तक चलेंगे। पहले दिन फुटबॉल समेत कई गेम्स का ट्रायल होगा। स्टूडेंट्स को एडमिट कार्ड लेने के लिए यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स काउंसिल में आना होगा , जहां ट्रायल की डेट और जगह के बारे में उन्हें बता दिया जाएगा। उनका कहना है कि अभी 26 कॉलेजों से स्टूडेंट्स की लिस्ट आ गई है और गुरुवार को बाकी कॉलेजों से लिस्ट का वेट किया जाएगा।

एक्सपर्ट्स लेंगे टेस्ट : यूनिवर्सिटी सेंट्रलाइज्ड ट्रायल के लिए एक्सपर्ट कमिटी भी बना रही है। एक अनुमान के मुताबिक यूनिवर्सिटी में 26 गेम्स के ट्रायल होंगे और इतनी ही एक्सपर्ट कमिटी बनेगी। एक्सपर्ट कमिटी में बाहर के लोग भी होंगे। खास बात यह है कि डीयू के स्पोर्ट्स टीचर्स ने खुद को सेंट्रलाइज्ड ट्रायल से अलग रखने की बात कही है। ऐसे में यूनिवर्सिटी के सामने एक्सपर्ट कमिटी के मेंबर्स का सिलेक्शन भी एक चैलेंज होगा। डूटा की अपील पर टीचर्स ने खुद को एडमिशन प्रोसेस से अलग किया है। एक कमिटी में चार से पांच मेंबर होंगे(भूपेंद्र,NBT,16.6.2010)।

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