बस्तर जिले के लिए शिक्षाकर्मी वर्ग-1 के 750 पदों में से सिर्फ 188 लोगों का ही चयन हुआ है। जिसमें 562 पद रिक्त रह गए हैं। वहीं वर्ग-2 के 884 पदों में से 332 का ही चयन हुआ है इसमें भी 552 पद खाली रह गए हैं।
इस तरह दोनों के कुल 1114 पद पर इस साल नियुक्ति नहीं हो सकी है। जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा गणित, भौतिकी, जीव विज्ञान, अंग्रेजी और संस्कृत के कई पोस्टग्रेजुएट अभ्यर्थी नहीं मिले हैं।
विषय 14, पद 750 : शिक्षाकर्मी वर्ग -1 के लिए 750 पद के लिए आवेदन बुलाए गए थे। जिसमें अनुपस्थित और अपात्र अभ्यर्थियों की संख्या 200 थी। 750 में से 388 को बुलावा पत्र भेजा गया था।
बताया गया कि गणित के 130 में से सिर्फ 14 पात्र पाए गए, 116 लोग अपात्र थे। भौतिकी के 94 में 5, रसायन के 76 में 12, जीव विज्ञान 90 में 35, अर्थशात्र 21 में 8, राजनीति शास्त्र 22 में 11, कामर्स 99 में 33, हिंदी 44 में 26, अंग्रेजी में 97 पद के लिए सिर्फ 6 लोग ही पात्र मिले। संस्कृत में भी 40 पद के लिए सिर्फ 17 को पात्र माना गया है।
गणित में 288 में 78 पात्र : शिक्षाकर्मी वर्ग-2 में भी योग्यता के मापदंड के अनुसार अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि 552 पद खाली रह गए हैं। जिला पंचायत ने 648 पद के लिए विज्ञापन दिया था।
इसके अलावा 236 नए पद स्वीकृत हुए। कुल 884 पद के विरुद्ध प्रमाण पत्रों की जांच के बाद 602 लोगों को बुलावा पत्र भेजा गया। जिसमें 270 गैरहाजिर थे। इस तरह 332 पात्र अभ्यर्थी ही चुने गए। कुल 552 पद इस सत्र में खाली रह जाएंगे।
जिला पंचायत के एपीओ राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि विज्ञान में 184 पात्र पाए गए। गणित के 28८ में 78, कला के 62 में 26, अंग्रेजी के 101 में 24, संस्कृत के 10 में 6 और हिंदी में 14 पद के विरुद्ध सिर्फ 4 अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए।
बताया गया कि कला, विज्ञान और साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएट और स्नातक में द्वितीय श्रेणी 55 फीसदी के अंक के बराबर और अधिक वाले कम मिले यही कारण है कि काफी पद रिक्त रह गए हैं(Dainik Bhaskar,Jagdalpur,17.6.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।