छत्तीसगढ़ के सुविधाविहीन निजी स्कूलों की मान्यता खतरे में हैं। तीन साल के भीतर स्कूलों ने सुविधाएँ नहीं जुटाई तो उनमें ताला लटक जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद पहली बाद निजी और सरकारी स्कूलों में मौजूदा सुविधाओं की जानकारी जुटाने के लिए देशव्यापी सर्वे होगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने सर्वे का खाका तैयार कर लिया है। इसके आधार पर प्रदेश में सर्वे की तैयारी शुरू हो गई है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है(नई दुनिया,दिल्ली,28.6.2010)।
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